अब से यूपी सरकार हिंदी और अंग्रेजी के अलावा संस्कृत में भी करेगी प्रेस रिलीज जारी : CM योगी

 New Delhi: संस्कृत को लेकर अलग ही माहौल इन दिनों देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां संसद में कई मंत्रियों ने सोमवार को संस्कृत में शपथ ली । दूसरी तरफ यूपी CM योगी आदित्यनाथ ने सरकारी प्रेस रिलीज को संस्कृत में जारी करने का निर्देश दिया है ।

संस्कृत को लेकर राजनीति मुखर हो गई है। सरकार संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए नए-नए तरीकें अपना रही है। इसी को देखते हुए यूपी CM योगी ने भी पहल की है। योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रेस रिलीज का एक नमूना पेश करते हुए कहा है कि अब से यूपी सरकार हिंदी और अंग्रेजी के अलावा संस्कृत में भी प्रेस रिलीज जारी करेगी। योगी के इसी निर्देश के बाद से संस्कृत की आधिकारिक शुरुआत करने वाला उत्तरप्रदेश पहला राज्य बन गया है ।

आपको बता दें कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंद कुमार द्वारा संस्कृत को आधिकारिक भाषा बनाने का अनुरोध भी किया गया था। इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने असहमति जताई थी। संस्कृत को आधिकारिक भाषा बनाने की बात के बाद से कई नेताओं की इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई थी लेकिन केंद्र सरकार ने भी सोमवार को साफ़ कर दिया है कि भारत के लिए संस्कृत का क्या महत्व है । इसी महत्व को बनाएं रखने के लिए सोमवार को कई मंत्रियों ने संस्कृत में शपथ ली थी ।

CM योगी ने संस्कृत भारती के आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था, ‘संस्कृत भारत का DNA है। यह केवल धार्मिक रीति-रिवाजों तक सीमित नहीं है।’ योगी ने यह भी कहा था कि जहाँ विज्ञान का अंत होता है वहीं से संस्कृत शुरू होती है। हमने रोजमर्रा में संस्कृत का उपयोग नहीं कर के इसे कमजोर किया है और इसे बढ़ाने के लिए ही हमने ये पहल की है।‘

संस्कृत भारती के जरिए आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा था, ‘संस्कृत अब केवल धार्मिक मंत्र और रीति रिवाज तक ही सीमित होकर रह गई है. हमें इस बात को समझना चाहिए कि जहां विज्ञान का अंत होता है वहीं से संस्कृत शुरू होती है. हमने दिन प्रतिदिन के जीवन में इसका उपयोग न करके संस्कृत को कमजोर कर दिया है।’