CM जगनरेड्डी का ऐतिहासिक फैसला, रे’प करने पर होगी फां’सी, घ’टना से 21 दिन के भीतर होगी स’जा

New Delhi : हैदराबाद में एक महिला पशु चिकित्सक के साथ गैंगरे’प और फिर ह’त्या के बाद देशभर में फैले जन आक्रोश को देखते हुए आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जिसके तहत एक नए कानून को बनाने की तैयारी की गई है, जिसमें ब’लात्कारियों को मौ’त की सजा देने का प्रावधान है।

मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में महिलाओं के खिलाफ यौ’न शो’षण के मामलों में मौ’त की स’जा का प्रस्ताव वाला बिल मंजूरी किया गया। इस नए कानून में एफआईआर दर्ज होने के 21 दिनों के भीतर सजा के साथ-साथ मुकदमा पूरा करने का प्रस्ताव है।

वर्तमान समय में देश के कानून में रे’प के दो’षियों को मृ’त्युदंड देने का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए अगर आंध्र प्रदेश विधानसभा में यह बिल पास हो जाता है तो, ब’लात्कार के मामलों में सजा-ए-मौत देने वाला भारत का पहला राज्य बन जाएगा। सरकार ने एक बयान में कहा कि नया बिल, आंध्र प्रदेश आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 2019 को आंध्र प्रदेश दिशा एक्ट (Andhra Pradesh Disha Act) कहा जाएगा। यह बिल गुरुवार को राज्य विधानसभा में पेश किया जाएगा।

साथ ही कैबिनेट ने आंध्र प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अप’राधों पर लगाम कसने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की स्वीकृति दी है। जबकि महिलाओं और बच्चों के साथ होने वाले यौ’न अप’राधों के निपटारे के लिए सभी जिलों में विशेष कोर्ट स्थापित किए जाएंगे।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी ने महिला पशुचिकित्सक के साथ सामूहिक ब’लात्कार और उसकी ह’त्या के चार आ’रोपियों के कथित मुठभे’ड़ में मा’रे जाने पर तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव और तेलंगाना पुलिस की प्रशंसा की थी। इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया था कि उनकी सरकार महिलाओं के विरूद्ध अत्या’चार के मामलों की त्वरित सुनवाई और उपयुक्त स’जा सुनिश्चित करने के लिए कड़ा कानून बनाने के मकसद से विधानसभा के वर्तमान सत्र में एक बिल पेश करेगी।