अब कश्मीर मुद्दे पर चीन ने भी छोड़ा पाकिस्तान का साथ, कहा- आपस में मिलकर सुलझाएं मसला

New Delhi: 11 अक्टूबर को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को भारत आना है इससे पहले ही चीन ने कश्मीर पर अपने रुख को बदल लिया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सुन वीदोंग ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच का एक सं’वेदनशील मसला है जिसे आपसी बातचीत के द्वारा सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा सीमा प्रश्न के स्थायी हल के लिए हमें संयुक्त रूप से सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखने की आवश्यकता है।

बता दें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 11- 12 अक्टूबर को भारत आ रहे हैं। यहां जिनपिंग चेन्नई में होने वाले भारत और चीन के दूसरे शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस शिखर सम्मेलन में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के साथ वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी। अपने भारत दौरे से पहले ही चीन ने कश्मीर पर अपना रुख बदल लिया है। चीन इससे पहले कश्मीर से धारा 370 हटाने का विरोध करता आया है। जिसमें वो लद्दाख को कश्मीर से अलग किए जाने का विरोध करता रहा है।

चीनी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, ”आगामी चेन्नई अनौपचारिक समिट से दोनों देशों के नेताओं को द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों और भारत- चीन की विकास साझेदारी को गहरा करने पर विचारों को आदान – प्रदान करने का मौका मिलेगा।”

दोनों नेताओं को बीच बैठक में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एनएसी) को स्थिर रखने और व्यापार संबंध चर्चा के केंद्र बिंदु हो सकते हैं।

इसके अलावा बांग्लादेश-चीन-भारत-म्यांमार गलियारे की प्रगति पर भी ध्यान दिया जाएगा क्योंकि यह बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव से बाहर है। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शी जिनपिंग को इस बात का आश्वासन देंगे कि अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने के बाद जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र प्रशासित प्रदेश में तब्दील करने से वास्तविक नियंत्रण रेखा प्रभावित नहीं होगी।

न्यूज एजेंसी ANI के सूत्रों के मुताबिक. इस बैठक के अनौपचारिक होने की वजह से दोनों देशों के बीच किसी भी तरह का समझौता या समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर नहीं होंगे और न ही कोई संयुक्त विज्ञप्ति जारी की जाएगी। बताया जा रहा है कि चीनी राष्ट्रपति के साथ चीन के विदेश मंत्री और पोलित ब्यूरो सदस्य भी भारत आयेंगे।