चीन ने बना लिया अपना खुद का सूर्य, असली सूर्य से 10 गुना होगा ताकतवर

New Delhi : इस दुनिया में अगर हम दिन और रात का फर्क कर पाते हैं तो उसकी सिर्फ एक वजह है सूर्य जो इंसानों को ही नहीं बल्कि पेड़ पौधों को भी जीवित रहने के लिए ऊर्जा देता है लेकिन क्या आपको पता है चीन के वैज्ञानिकों ने एक कृत्रिम सूर्य का निर्माण कर लिया है। यह सूर्य भी असली सूरज की तरह ही प्रकाशमान होगा।

चीन ने जो कृत्रिम सूरज विकसित किया है वो परमाणु फ्यूजन की मदद से 10 गुना ज्यादा स्वच्छ ऊर्जा पैदा करने में सक्षम होगा। दावे के मुताबिक यह 10 सूर्यों के बराबर होगा।

चीन की समाचार एजेंसी सिन्हुआ न्यूज के अनुसार, चीन ने हाल ही में इस रिएक्टर का निर्माण पूरा किया है और 2020 तक इसके संचालन शुरू होने की उम्मीद है।चीन के इस कृत्रिम सूरज को HL-2M का नाम दिया गया है और इसका निर्माण चीन के नेशनल न्यूक्लियर कॉर्पोरेशन ने साउथ वेस्टर्न इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिक्स के साथ मिलकर किया है।

वैज्ञानिकों के दावे के मुताबिक पूरी तरह से सक्रिय होने पर रिएक्टर सूरज की तुलना में 13 गुना अधिक तापमान तक पहुंचने में सक्षम होगा जो लगभग 200 मिलियन डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा। हमारे सूर्य का अधिकतम तापमान 15 मिलियन डिग्री सेल्सियस है।

इसके इतने गर्म होने का कारण परमाणु संलयन (फ्यूजन) है क्योंकि रिएक्टर परमाणु संलयन प्रतिक्रियाओं को संचालित करता है। बता दें कि परमाणु फ्यूजन संचित परमाणु ऊर्जा को फ्यूज करने के लिए बाध्य करते हैं और इस प्रक्रिया में एक टन गर्मी उत्पन्न होती है।

पृथ्वी पर परमाणु संयंत्रों में हमेशा ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए विखंडन का उपयोग ही किया जाता यह तब होता है जब गर्मी परमाणुओं को विभाजित करके उत्पन्न होती है। परमाणु संलयन वास्तव में सूर्य पर होता है और यही चीन के एचएल -2 एम के निर्माण का आधार है।