बातचीत और सहमति की आड़ में धोखा दे रहा चीन- गलवान घाटी, पैन्गॉन्ग सो में बंकर बना रहा ड्रैगन

New Delhi : तनाव को कम करने के लिये भारत और चीन के सैन्‍य अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई है। अब दोनों देश सेना हटाने पर सहमत भी हो गये हैं। हालांकि गलवान घाटी की सैटलाइट से मिली ताजा तस्‍वीरें जमीनी हकीकत के बारे में कुछ और ही बयां कर रही हैं। इससे धोखेबाज चीन की मंशा को लेकर फिर से संदेह गहरा गया है।
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस अनैलिस्ट Detresfa ने गलवान घाटी की ताजा सैटलाइट तस्वीरें जारी की हैं। इस तस्‍वीर में साफ नजर आ रहा है कि चीन गलवान में झड़प की जगह के पास ही बचाव के लिये बंकर बना रहा है। इस जगह पर चीन ने छोटी-छोटी दीवारें और खाई बनाई हैं। ताजा तस्‍वीरों से अब चीन की मंशा को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। चीन बातचीत की आड़ में अपनी सैन्‍य स्थिति को मजबूत कर रहा है।

Detresfa के मुताबिक चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने पैन्गॉन्ग सो झील इलाके में अभी भी डेरा जमा रखा है। यही नहीं इसकी मौजूदी छोटे-छोटे समूहों में बढ़ती जा रही है। पैन्गॉन्ग सो के 19 किमी दक्षिण में ज्यादा सपॉर्ट पोजिशन दिख रही है। भारत और चीन की सेनाओं के बीच बातचीत के बाद पेइचिंग ने कहा है कि दोनों देश सीमा पर स्थिति को बातचीत और परामर्श के जरिये शांत करने के लिये कदम उठाने पर सहमत हुये हैं।
भारत और चीन लद्दाख में चल रहे तनाव में मंगलवार को कुछ कमी आती दिख रही है। कल हुई दोनों देशों के जनरल स्तर पर बातचीत के दौरान चीन पूर्वी लद्दाख के तनाव वाले इलाके से अपने सैनिकों को हटाने पर सहमत हो गया है। सूत्रों ने बताया – वार्ता में पूर्वी लद्दाख से सैनिकों के हटाने के लिये तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने पर ध्यान केंद्रित किया गया। बातचीत के दौरान भारत की ओर से साफ कह दिया गया है कि LAC में जैसी स्थिति 5 मई के पहले थी वैसे ही होनी चाहिये। यानी कि भारत की ओर से साफ-साफ शब्दों में कह दिया है कि चीन अपनी सीमा पर वापस लौटे।

दोनों देशों के बीच हुई सहमति में यह भी कहा गया है कि सैनिकों की वापसी की दोनों देश पुष्टि करेंगे। हालांकि अभी पैन्गॉन्ग सो को लेकर भारत और चीन के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। चीन यहां से हटने के लिए तैयार नहीं है। चीन ने इस इलाके में कई नये बंकर बना लिये हैं और फिंगर 4 से लेकर फिंगर 8 तक आठ किमी के ऊंचाई वाले इलाकों पर कब्‍जा कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक अगर सबकुछ प्‍लान के मुताबिक रहा तो धीरे-धीरे पैन्गॉन्ग सो को छोड़कर अन्‍य इलाकों से सैनिक हटेंगे। पैन्गॉन्ग सो में अभी चीनी सेना हटने के मूड में नहीं दिखाई दे रही है।

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