छुट्टी के दिन मस्ती नहीं, बेजुबान जानवरों और गरीब बुजुर्गों की मदद करते हैं ये बच्चे!

New Delhi : कहते हैं बच्चों में भगवान बसता है। उनका दिल सोने का होता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के बच्चों ने। इन बच्चों ने समाज में कुछ बेहतर करने का बीड़ा उठाया है। करीब 18 महीने पहले इन बच्चों ने मूक पशु-पक्षियों की मदद एवं रक्तदान के लिए एक संस्था बनाई, जिसका नाम जैनम वेलफेयर फाउंडेशन रखा।

18 महीने पहले बच्चों ने पशुओं एवं रक्तदान के लिए एक संस्था जैनम वेलफेयर एसोसिएशन बनाई। इस ग्रुप में अधिकांश सदस्य 20 वर्ष से कम उम्र के हैं। दिन हो या रात सभी सदस्य बस एक फ़ोन कॉल पर उपस्थित हो जाते है। जैनम वेलफेयर एसोसिएशन ने 575 से ज्यादा बीमार जानवरों का सफल इलाज, 1350 यूनिट रक्तदान, आर्थिक रूप से कमज़ोर बच्चों को शिक्षा एवं रोजगार के लिए मदद की। साथ ही ग्रुप रक्तदान महादान अभियान चला रहा है। सभी स्वस्थ सदस्य हर 3 महीने में ब्लड डोनेट करते हैं। अब तक 1350 यूनिट रक्त जरूरतमंद मरीज तक पहुंचाया जा चुका है।

संस्था के संस्थापक जैनम बैद हैं। वे बताते हैं कि आवारा जानवरों के खाने की व्यवस्था करना, गर्मी के दिनों में पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था आदि काम युवा व बच्चे करते हैं। पशुओं के गले में रेडियम की पट्टी भी लगाते हैं। अब तक 700 जानवरों के गले में रेडियम पट्टी बांध चुके हैं। एसोसिएशन के बच्चे सुबह-सुबह उठकर पशुओं के लिए रोटी एवं दाने की व्यवस्था करना, पीने के साफ पानी की व्यवस्था व वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की सेवा करते हैं। वहीं गर्मियों में चिड़ियों के लिए दाना एवं पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।

संस्था के सभी सदस्य अपने पॉकेट मनी का एक हिस्सा जीव दया, गरीब बच्चों की पढ़ाई और आर्थिक रूप से कमज़ोर मरीजों के इलाज में लगाते है। संस्था के सदस्य यश पारख का कहना है, पहले अपने जेब खर्च के पैसे देने का मन नहीं करता था, लेकिन जब मैंने देखा कि एक छोटी सी राशि से कितना कुछ बेहतर हो सकता है, तब से हम सब ख़ुशी-ख़ुशी इस नेक काम में अपनी पॉकेट मनी देते हैं। संस्था के सदस्य आशीष गिडिया कहते है, पहले मैं रोज़ घंटो वीडियो गेम खेलने में अपना समय गंवाता था, लेकिन अब हर रोज़ जरुरतमंदो की मदद करता हूँ। पहले जानवरों से बहुत डर लगता था, लेकिन अब उन मूक पशुओं के लिए हर संभव मदद करने की कोशिश करता हूँ। हम सभी को हर रोज़ एक अच्छा काम करने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि इससे बहुत ख़ुशी मिलती है।