पत्रकार सुरक्षा क़ानून लाएगी छत्तीसगढ़ सरकार

New Delhi: छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाएगी सरकार। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर कहा कि ,’ नेशनल प्रेस डे पर उन सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं जो आज भी अभिव्यक्ति की आजादी और स्वतंत्रता के पक्षधर हैं। आज इस महत्वपूर्ण दिवस पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे पत्रकार सुरक्षा क़ानून के प्रारूप पर चर्चा हो रही है’।

आपको मालूम हो कि ‘देश में स्वतंत्र और जिम्मेदार प्रेस के लिए 1966 से हर साल 16 नवंबर को राष्ट्रीय प्रेस दिवस मनाया जाता है। भारतीय प्रेस परिषद ने इसी दिन कार्य करना शुरू किया था’। प्रथम प्रेस आयोग ने भारत में प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा एंव पत्रकारिता में उच्च आदर्श कायम करने के उद्देश्य से एक प्रेस परिषद की कल्पना की थी। परिणाम स्वरूप चार जुलाई 1966 को भारत में प्रेस परिषद की स्थापना की गई जिसने 16 नंवबर 1966 से अपना विधिवत कार्य शुरू किया। तब से लेकर आज तक प्रतिवर्ष 16 नवंबर को राष्ट्रीय प्रेस दिवस के रूप में मनाया जाता है।

आज राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने फेक न्यूज (फर्जी खबरें) के बारे में व्यापक तरीके से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा आज के समय में फेक न्यूज पेड न्यूज से ज्यादा बड़ी समस्या है और प्रेस को इस पर अंकुश लगाने के तरीकों पर चर्चा करनी चाहिए।

उन्होंने कहा “प्रेस को फेक न्यूज पर अंकुश लगाने के तरीकों पर चर्चा करनी चाहिए। पेड न्यूज की तुलना में यह एक बड़ी समस्या है।” उन्होंने बच्चा चोरी की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा “एक फेक न्यूज फैलाई गई कि कुछ लोग बच्चा चोर हैं, जिसके कारण 20 लोग मारे गए। लेकिन जब लिंचिंग पर बात होती है तो लिंचिंग पर तो खबरें बनती हैं लेकिन जो 20 निर्दोष लोग इस फेक न्यूज से मारे गए उनकी चर्चा तक नहीं होती।”