चंडीगढ़ में पब्लिक साइकिल शेयरिंग सिस्टम के लिए आगे आई चेन्नई की कंपनी

New Delhi: पब्लिक बाइसकिल शेयरिंग सिस्टम के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए निजी कंपनियों को आकर्षित करने के दो असफल प्रयासों के बाद, चेन्नई स्थित स्मार्टबाइक मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड इस प्रोजेक्ट में दिलचस्पी दिखाते हुए आगे आई है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की पांच सदस्यीय तकनीकी समिति 26 अगस्त को कंपनी की टेक्निकल बिड की जांच करेगी।

इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 20 करोड़ रुपये है और यह पब्लिक- प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के रूप में होगा। लगभग सभी बाजारों, महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों और सार्वजनिक परिवहन स्थानों को कवर करते हुए पूरे चंडीगढ़ में इसकी लोकेशन होंगी। चंडीगढ़ बड़े पैमाने पर पब्लिक बाइसकिल शेयरिंग सिस्टम शुरू करने वाला देश का पहला शहर है। यह लोगों को साइकिल का उपयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा।

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के महाप्रबंधक एन पी शर्मा ने कहा, “कंपनी पहले ही हैदराबाद, चेन्नई, दिल्ली और अमरावती सहित विभिन्न शहरों में बाइक शेयरिंग के क्षेत्र में काम कर चुकी है। दरअसल, केवल एक कंपनी ही आगे आई है । यह प्रोजेक्ट  पीपीपी के मॉडल पर काम करेगा लेकिन प्रशासन के पास इस प्रोजेक्ट पर खर्च करने के लिए कुछ भी नहीं है। कंपनी को राजस्व पैदा करने के तरीके तय करने होंगे। एक: बाइक का उपयोग करने के लिए शुल्क। दूसरा: विज्ञापन शुल्क।”

सूत्रों ने कहा कि कंपनी को टेंडर आवंटित करने के तीन चरण हैं। पहला: स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की तकनीकी समिति द्वारा कंपनी की टेक्निकल बिड की जाँच की जाएगी। दूसरा: यदि टेक्निकल बिड को मंजूरी दी जाती है, तो इसे फाइनेंशियल बिड की जांच के लिए भेजा जाएगा। तीसरा: निदेशक मंडल द्वारा अंतिम मंजूरी दी जाएगी।

2016-17 में, नगर निगम द्वारा प्रोजेक्ट के लिए एक टेंडर मंगाया गया था, लेकिन इसे वापस ले लिया गया क्योंकि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का संचालन निकाय नहीं बना था। दूसरी बार, 2018 में टेंडर मंगाया गया था लेकिन कोई भी कंपनी आगे नहीं आई।

नियम और शर्तों के अनुसार, जिनके पास स्मार्ट कार्ड (रिचार्जेबल) है, उन्हें प्रति घंटे 5 रुपये में एक साइकिल मिलेगी और जिनके पास नहीं हैं, उन्हें यह 10 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से मिलेगा।

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