कोलकाता उच्च न्यायालय ने डॉक्टर सुरक्षा को लेकर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का विवरण मांगा

New Delhi:पश्चिम बंगाल एक बार फिर उबाल पर है क्योंकि राज्य भर में रेजिडेंट डॉक्टर और मेडिकल छात्र बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कोलकाता में NRS मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद एक डॉक्टर पर हमला होने और डॉक्टर के गंभीर रूप से घायल होने के बाद डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी किया। शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। विरोध प्रदर्शन के चलते मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है।

कोलकाता उच्च न्यायालय ने डॉक्टर सुरक्षा को लेकर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का विवरण मांगा
कोलकाता उच्च न्यायालय ने डॉक्टर सुरक्षा को लेकर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का विवरण मांगा

इस बीच, कोलकाता उच्च न्यायालय ने चल रही हड़ताल पर एक अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया और डॉक्टरों पर कथित हमलों को लेकर बंगाल सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का विवरण मांगा। न्यायालय ने सरकार को 21 जून तक का समय दिया है।

इसपर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “जो कुछ भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण था, लेकिन कई बार मरीजों के रिश्तेदार उत्तेजित हो जाते हैं। हमने कार्रवाई की है और पुलिस ने गिरफ्तारियां की हैं।“

विरोध प्रदर्शनों ने अब दिल्ली, मुंबई और पुणे में डॉक्टरों का समर्थन हासिल किया है जो आज हड़ताल में शामिल होंगे। दिल्ली में एम्स, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (एमएएमसी) और सफदरजंग अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे। एम्स में कई डॉक्टरों ने गुरुवार को एक प्रतीकात्मक विरोध के रूप में अपने सिर और हाथों पर पट्टियों के साथ काम किया। दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए हड़ताल का आह्वान किया है, जबकि सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों ने कल जंतर मंतर पर कैंडललाइट मार्च निकाला।