कांग्रेस का CAG पर निशाना, कहा – राफेल सौदे की जांच से खुद को अलग करें राजीव महर्षि

New Delhi: राफेल डील पर सरकार और विपक्ष की बहस लगातार बढ़ती ही जा रही है। इस मामले को लेकर दोनों पार्टियां लगातार एक दूसरे पर आरोप लगाए जा रह हैं।

वहीं अब इस मामले पर कांग्रेस नेता गुलाम नवी आजाद और सिब्बल ने सीएजी राजीव महर्षि पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होनें कहा है कि कोई भी अपने ही केस की जांच खुद कैसे कर सकता है। साथ ही कपिल सिब्बल ने कहा है कि राफेल सौदे में राजीव महर्षि खुद की जांच कैसे कर सकते हैं, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल, 2015 में इस डील की घोषणा की थी, तब वह केंद्रीय वित्त (आर्थिक मामलों) सचिव थें।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो सीएजी साल 2015 में राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के इस मामले में बतौर वित्त सचिव शामिल था, वही सीएजी अब रिपोर्ट पेश करेगा। बता दें, राफेल डील पर सीएजी की रिपोर्ट सोमवार को संसद में पेश हो सकती है।

कांग्रेस ने महर्षि से कहा कि आप 29 अक्टूबर 2014 से 30 अगस्त 2015 तक वित्त सचिव थे। इसका मतलब है कि 58,000 करोड़ रुपये की लागत से 36 राफेल विमानों की खरीद की प्रधानमंत्री द्वारा एकतरफा घोषणा के समय आप वित्त सचिव थे। वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधि यानी कॉस्ट अकाउंट्स सर्विस के सदस्य और वित्तीय सलाहकार भारतीय वार्ता टीम का हिस्सा थे। इसलिए, आप राफेल सौदे की बातचीत में भी शामिल थे।

इसके पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी राफेल मामले को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके नरेंद्र मोदी पर सीधे तौर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जिसके बाद एक बार फिर हलचल मच गई है। वहीं अब वो चिट्ठी सामने आ गई है जिसमे यह खुलासा हुआ कि, राफेल डील में पीएम कार्यालय ने दखलंदाजी की थी। इस खुलासे के बाद सियासी हलचल और तेज हो गई थी, वहीं अब इस मामले में CAG ने रिपोर्ट तैयार कर ली है और सोमवार को सरकार को इससे जुडी रिपोर्ट पेश करेगा।