भोलेनाथ की कृपा से 400 सालों तक बर्फ के नीचे दबे रहने के बाद भी सही-सलामत है ये मंदिर

भारत के उत्तराखंड में स्थित केदारनाथ मंदिर वैसे ही बहुत ही प्रसिद्ध है। लेकिन आज हम आपको इस मंदिर के बारे में एक ऐसी खास बात बताने जा रहे हैं जिसे जानने के बाद आपको इस बात पर यकीन हो जाएगा कि यकीनन इस मंदिर में ईश्वर का वास है। असल में वैज्ञानिकों का ऐसा कहना है कि केदारनाथ मंदिर 13 वीं से 17वीं शताब्दी के बीच बर्फ के नीचे दबा था मतलब कुल 400 सालों के लिए। लेकिन हैरान की बात है कि उसके बावजूद भी ये मंदिर बिल्कुल सही हालात में है।

अब इस बात से कोई हैरानी नहीं होती कि 2013 में आई भ’यानक बा’ढ़ से ये मंदिर कैसे बचा रह गया। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये मंदिर बर्फ के नीचे दबा था ग्लैशियर कभी भी एक जगह पर नहीं ठहरते हैं ऐसे में उनके हिलने की रगड़ के निशान आज भी इस मंदिर की दीवारों पर साफ देखे जा सकते हैं।

ग्लैशियर जब पीछे हटते हैं तो अपने नीचे आने वाली सभी चट्टानों को पीस देते हैं और बढ़े पत्थरों को छोड़ जाते हैं। ऐसे में भगवान ही जाने कि बर्फ की मा’र झे’लकर भी ये मंदिर इतने सालों तक कैसे सही सलामत बचा। केदारनाथ मंदिर की ऊंचाई 85 फीट है, वहीं ये 187 फीट लंबा और 80 फीट चौड़ा है इसकी दीवारों की मोटाई 12 फीट है। इस मंदिर की एक और बात जो हैरान करती है वो ये है कि इतने भारी पत्थरों को इतनी ऊंचाई पर चढ़ाया कैसे गया होगा और कैसे उसे इतने खूबसूरत और मजबूत मंदिर की शक्ल दी गई होगी कि वो हर तरह की मा’र को बिना किसी नु’कसान के झे’ल सके।