दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल कंपनी का भारत में निवेश, सरकारी कंपनियों में 50% हिस्सेदारी लेगी अरामको

दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल कंपनी का भारत में निवेश, सरकारी कंपनियों में 50% हिस्सेदारी लेगी अरामको

By: Aryan Paul
April 12, 05:25
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New Delhi: world की सबसे बड़ी oil companies में शामिल saudi aramco भारतीयों कंपनियों में बड़ी हिस्सेदारी लेगी। पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से बनाए जा रहे 44 अरब डॉलर के रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स में कुल 50 पर्सेंट की हिस्सेदारी लेगी। 

इसके अलावा सऊदी अरामको भारत में फ्यूल रिटेलिंग की परमिशन भी मांगेगी। यह देश के पेट्रोलियम सेक्टर में बड़े इन्वेस्टमेंट में से एक है। इस डील से सऊदी अरामको को दुनिया में ऑइल के तीसरे सबसे बड़े उपभोक्ता भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी। इससे पहले रूस की रोजनेफ्ट ने पिछले वर्ष गुजरात में एस्सार ऑइल की 2 करोड़ टन की कपैसिटी वाली रिफाइनरी 13 अरब डॉलर में खरीदी थी। 


सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री खालिद अल फलीह के मुताबिक, भारत की ओर से पॉलिसी में किए गए बदलावों के साथ ही कुछ अन्य कारणों से सऊदी अरामको को देश में निवेश करने का प्रोत्साहन मिला है। अल फलीह ने कहा कि भारत हमेशा से हमारे लिए एक प्राथमिकता वाला देश रहा है। ये भौगोलिक लिहाज से सऊदी अरब के पास है। इसके पास एक बड़ी जनसंख्या और एक बड़ी इकोनॉमी है। 

फलीह ने बताया कि रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स में बाकी की 50 पर्सेंट हिस्सेदारी इंडियन ऑइल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पास होगी। ये कॉम्प्लेक्स 2025 से पहले तैयार करने की योजना है। अरामको के पास अपनी 50 पर्सेंट हिस्सेदारी किसी विदेशी निवेशक को बेचने का ऑप्शन भी है। इस प्लांट के पास सालाना 6 करोड़ टन क्रूड ऑइल प्रोसेस करने और 1.8 करोड़ टन पेट्रोकेमिकल प्रॉडक्ट्स का प्रॉडक्शन करने की कपैसिटी होगी। 

इसके साथ ही बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की गुजरात के जामनगर में मौजूद रिफाइनरी दुनिया में सबसे बड़ी है। इसकी कुल कपैसिटी 6.8 करोड़ टन की है। अरामको भारत के ऑइल ऐंड गैस सेक्टर में निवेश के अन्य मौकों की तलाश भी करेगा। इसमें फ्यूल रिटेलिंग में उतरना भी शामिल है। अल फलीह ने बताया, 'हम रिटेलिंग में काफी दिलचस्पी रखते हैं। 

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जानकारी के लिए बता दें कि 2014 के मध्य से दुनिया भर में सप्लाई बढ़ने के कारण क्रूड के प्राइसेज में गिरावट आई है। इससे ऑयल के इंटरनेशनल मार्केट में भारत और चीन जैसे ऑइल के बड़े उपभोक्ताओं का महत्व बढ़ गया है। दुनिया की कई बड़ी पेट्रोलियम कंपनियां भारत में निवेश की संभावनाएं तलाश रही हैं। 

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