गिरती अर्थव्यवस्था को लेकर प्रधानमंत्री कर सकते है बैठक, रुपये में 3 पैसे की आई गिरावट

गिरती अर्थव्यवस्था को लेकर प्रधानमंत्री कर सकते है बैठक, रुपये में 3 पैसे की आई गिरावट

By: Madhu Sagar
September 14, 04:12
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New Delhi : 14 सितंबर यानी शुक्रवार को रुपये में 71.72 रुपया हो गया है। मुद्रा के उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए संभावित नीतिगत उपायों की अपेक्षा करेगी।

देश के केंद्रीय बैंक द्वारा संभावित हस्तक्षेप के चलते भारतीय रुपया बुधवार को 72.91 अमेरिकी डॉलर के नए रिकॉर्ड से ठीक होने के लिए सहायता कर रहा था। 11 सितंबर यानी मंगलवार को यह बढ़कर 72.59 हो गया था। वहीं 12 सितंबर बुधवार को रुपये 72.69 हो गया। सीधा 10 पैसे की बढ़त हुई थी। बुधवार को रुपया और निचले स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन आज रुपये में 3 पैसे की गिरावट आई है। देश में महंगाई बढ़ रही है। कुछ का कहना है कि डॉलर की कीमत 80 के पार पहुंच जाएगी। विशेषज्ञों ने कहा कि 72 भी बहुत ज्यादा है। और कुछ का कहना है कि इससे अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पिछले कई दिनों से रुपये में लगातार गिरावट देखी जा रही है।

रिपोर्टों के मुताबिक प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी इस सप्ताह के अंत में देश की अर्थव्यवस्था की जानकारी लेने के लिए बैठक कर सकते हैं। अब देखना ये है कि सरकार आगे के लिए क्या फैसली लेती है। भारतीय करेंसी में तो लगातार गिरावट आ रही है। सरकारे तरह तरह के बयान देकर अपना पल्ला झाड़ लेती हैं। लेकिन विशेषज्ञों की माने तो रूपये में गिरावट से अर्थव्यवस्था पर इसका असर पड़ता दिखाई दे रहा है। रुपये मे गिरावट और डॉलर में बढ़त होना वैसे तो पहली बार नहीं है लेकिन सरकार का दावा है कि भारत में रुपये में गिरावट और पेट्रोल और डीजल के भाव का बढ़ना सरकार को बार बार कटघरे में खड़ा कर रहा है। हालांकि पेट्रोल और डीजल के दाम कम होने की संभावना बनी हुई है। लेकिन अगर सरकार कोई उपायें नहीं करती है तो हम एक बार रुपये में तेज मूल्यह्रास देख सकते हैं।

सरकार ने अपने पक्ष में कहा था कि कीमतों का बढ़ना विश्व की अर्थव्यवस्था को दर्शाती है। ये सब कुछ तेल के दामों के बढ़ने के कारण हुआ है। यह भी माना जा रहा है कि भारत के साथ और भी देशों पर इसका असर देखने को मिल रहा है। सरकार अपनी तरफ से एक कोशिश ये भी कर सकती है कि जीएसटी के दायरे में पेट्रोल और डीजल के कीमतें कम की जा सकती है। जैसा कि केंद्र और राज्य सरकारें एक्ससाइज़ ड्यूटी को कम कर दे तो भी जनता को महंगाई से राहत मिल सकती है। भारत सरकार के आगे काफी चुनौतियां खड़ी है। आपको बता दे कि अगले साल चुनाव आने वाले है। बढ़ती कीमतों का असर चुनावों पर पड़ सकता है।

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