NSE ने गीतांजलि सहित 23 कंपनियों पर गिरी गाज, रिजल्ट फाइल नहीं करने पर लिया बड़ा एक्शन

NSE ने गीतांजलि सहित 23 कंपनियों पर गिरी गाज, रिजल्ट फाइल नहीं करने पर लिया बड़ा एक्शन

By: Sachin
March 13, 20:03
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New Delhi: देश के शीर्ष स्टॉक एक्सचेंज एनएसई ने 31 दिसंबर को समाप्त क्वार्टर के फाइनेंशियल रिजल्ट फाइल करने में नाकाम रहने पर गीतांजलि जेम्स सहित 24 कंपनियों पर पेनल्टी लगाई है।

गीतांजलि जेम्स का नाम हाल में पीएनबी फ्रॉड को लेकर खासा विवादों में रहा है। अगर ये कंपनियां फाइनेंशियल रिजल्ट फाइल करने की शर्त को पूरा नहीं करती हैं तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) उनके खिलाफ रेग्युलेटरी एक्शन भी ले सकता है, जिसमें सस्पेंशन की कार्रवाई भी शामिल है।

NSE ने गीतांजलि सहित 23 कंपनियों पर गिरी गाज

सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेस लिमिटेड (सीडीएसएल) ने लेटर्स के माध्यम से इन कंपनियों के इन्वेस्टर्स को अपने फैसले से अवगत भी करा दिया है। एनएसई के स्पोक्सपर्सन ने कहा, ‘एक्सचेंज ने सीडीएसएल के माध्यम से इन कंपनियों के शेयरहोल्डर्स को सूचना दे दी है, जिन्होंने अपने फाइनेंशियल रिजल्ट और शेयरहोल्डिंग पैटर्न की डिटेल जमा नहीं की है।’ इन कंपनियों में मेहुल चौकसी के स्वामित्व वाली गीतांजलि जेम्स भी शामिल है।

NSE ने गीतांजलि सहित 23 कंपनियों पर गिरी गाज

24 कंपनियों की इस लिस्ट में एबीजी शिपयार्ड, एमटेक ऑटो, डीएस कुलकर्णी डेवलपर्स, भारती डिफेंस एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर, एजुकॉम्प सॉल्युशंस, श्री रेणुका शुगर्स, मोजर बेयर (1) और स्टर्लिंग बायोटेक के नाम भी शामिल हैं। सीडीएसल द्वारा जारी लेटर के मुताबिक, ‘इन्वेस्टर्स से इस बात का ध्यान रखने का अनुरोध किया जाता है कि जिन कंपनियों में आपने निवेश किया है, उन्होंने 31 दिसंबर को समाप्त क्वार्टर के फाइनेंशियल रिजल्ट फाइल नहीं किए हैं।’

NSE ने गीतांजलि सहित 23 कंपनियों पर गिरी गाज

इस क्रम में एक्सचेंज ने कंपनियों पर फाइन लगाया है और नॉन कंप्लायंस जारी रहने पर सस्पेंशन सहित रेग्युलेटरी एक्शन भी लिया जा सकता है। लिस्टिंग नॉर्म्स के तहत कंपनियों को क्वार्टर समाप्त होने के 45 दिनों के भीतर क्वार्टरली आधार पर रिजल्ट फाइल करने होते हैं। सेबी के नियमों के मुताबिक लिस्टिंग रेग्युलेशन का पालन नहीं करने पर स्टॉक एक्सचेंज कंपनी पर फाइन जैसी कार्रवाई कर सकते हैं। इनमें समय पर फाइनेंशियल रिजल्ट फाइल नहीं करना भी शामिल है। इसके बाद एक्सचेंज स्टॉक्स की ट्रेडिंग सस्पेंड करने जैसी कार्रवाई भी कर सकता है।

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