दुनिया की सबसे महंगी बिल्डिंग बुर्ज खलीफा में हैं इस भारतीय के 22 फ्लैट, कभी पेशे से थे मैकेनिक

दुनिया की सबसे महंगी बिल्डिंग बुर्ज खलीफा में हैं इस भारतीय के 22 फ्लैट, कभी पेशे से थे मैकेनिक

By: Rohit Solanki
May 12, 16:05
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New Delhi: कहते हैं कि कुछ कर गुजरने की ताकत हो तो दुनिया भी आपके कदमों में झुक जाती है। इस बात को 100 प्रतिशत सच साबित कर दिया है इस भारतीय ने जिसके नाम पर सऊदी अरब में डंका बजता है।

कभी मैकेनिक के रूप में काम करने वाला ये शख्स आज दुनिया की सबसे महंगी बिल्डिंग बुर्ज खलीफा में 22 आलीशान फ्लैट्स का मालिक है।केरल के एक छोटे से मैकेनिक जॉर्ज वी नेरीपराम्बिल ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि दुनिया की सबसे आलीशान बिल्डिंग बुर्ज खलीफा को वो कभी देख भी पाएंगे। लेकिन उनकी मेहनत का नतीजा रहा कि आज वो मध्य-पूर्व की सबसे बड़ी कंपनी के मालिक हैं। जॉर्ज की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है।

11 साल की छोटी सी उम्र में वो अपने पिता का बिजनेस में हाथ बंटाने लगे थे। जॉर्ज के पिता त्रिशूर में फसलों की बिक्री का काम करते थे। उनके यहां बड़ी मात्रा में कपास की आवक होती थी। किसान कपास के बीजों को उससे निकाल कर फेंक देते थे, लेकिन उन्हीं बीजों को इक्ट्ठा कर जॉर्ज ने पैसा कमाना शुरू किया। दरअसल, किसानों को उस वक्त नहीं पता था कि कपास के बीज गोंद बनाने में इस्तेमाल होते हैं। 11 साल की छोटी सी उम्र में ही जॉर्ज ने कपास के बीज बेचकर खूब मुनाफा कमाया।

साल 1976 में जॉर्ज शारजाह आ गए और मोटर मैकेनिक का काम करने लगे। शारजाह में पड़ने वाली भीषण गर्मी के कारण एक दिन उन्होंने AC का बिजनेस करने की सोची। सिर्फ एक साल बाद जॉर्ज ने वहां एयरकंडिश्नर का बिजनेस शुरू कर दिया। कंपनी का नाम रखा गया GEO इलेक्ट्रिक ट्रेडिंग कंपनी। 1984 तक उनका व्यापार पूरे देश में फैल चुका था और तब तक वो पूरे UAE में एसी किराए पर भी देने लगे। आज उनका व्यापार काफी सिर्फ UAE ही नहीं बल्कि पूरे मध्य-पूर्व में फैल चुका है।

आपको ये जानकर हैरानी होगी कि बुर्ज खलीफा में फ्लैट खरीदने का सिलसिला एक मजाक के साथ शुरू हुआ था। दरअसल, एक दिन जॉर्ज अपने किसी रिश्तेदार के साथ बुर्ज खलीफा के पास घूम रहे थे। तभी उस रिश्तेदार ने कहा-ये बुर्ज खलीफा देख रहे हो ना... तुम इसमें घुस भी नहीं सकते। बस जॉर्ज ने इसे चैलेंज के रूप में स्वीकार कर लिया। एक दिन उन्हें अखबार में बुर्ज खलीफा में किराए के घर का विज्ञापन दिखा। जॉर्ज अगले ही दिन वहां पहुंच गए और घर किराए पर ले लिया।

कुछ समय ऐसे ही बीत गया और इस बीच उनके दुबई वाले बिजनेस से काफी मुनाफा हुआ, जिसके बाद उन्होंने दुबई मेट्रो के एक प्रोजेक्ट से मिले पैसे से बुर्ज खलीफा में एक फ्लैट खरीदा। जॉर्ज यहीं नहीं रुके, उन्होंने एक के बाद एक बुर्ज खलीफा में फ्लैट खरीदने शुरू कर दिए। आज वो दुनिया की सबसे महंगी और आलीशान इमारत में 22 फ्लैट्स के मालिक हैं। जॉर्ज कहते हैं कि प्रॉपटी इनवेस्टमेंट सबसे बेस्ट है और वो अभी और फ्लैट्स यहां खरीदेंगे। उन्होंने यूएई के चर्चित अखबार खलीज टाइम्स से कहा कि मैं सपने देखता हूं और सपने देखना कभी बंद नहीं करूंगा।

आपको बता दें कि जॉर्ज कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के दूसरे सबसे बड़े शेयरहोल्‍डर हैं। इसमें उनकी 14 फीसदी हिस्‍सेदारी है। शुरुआत में इस एयरपोर्ट में किसी निवेशक की दिलचस्‍पी नहीं थी, लेकिन जॉर्ज को इसकी जरूरत का अहसास था। सीधी फ्लाइट नहीं होने की वजह से ही वे अपने पिता की अंत्‍येष्टि में हिस्‍सा नहीं ले सके थे।

जॉर्ज भले ही अरबपति हों लेकिन कमजोर और बेसहारों के प्रति उनमें गजब की दरियादिली है। वे ऐसे लोगों की बेहतरी से जुड़े कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्‍सा लेते हैं। खासकर युवाओं की बेहतरी के लिए वे हमेशा कुछ न कुछ करते रहते हैं। कई सोशल और कल्‍याकारी संगठनों को वह वित्‍तीय सहायता देते हैं। उनकी पत्‍नी का नाम मॉली जॉर्ज है, जो उनकी कंपनी में एचआरडी प्रमुख हैं। वह अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपनी पत्‍नी को ही देते हैं। उनकी दो बेटियां और एक बेटा हैं।

वैसे आपको बता दें कि बुर्ज खलीफा में भारतीयों के 100 से अधिक फ्लैट्स हैं। 202 मंजिल की इस बिल्डिंग का निर्माण 2010 में हुआ था। फ्लैट्स की कीमत 38,000 से लेकर 45,000 प्रति वर्ग फीट है। इसमें फ्लैट्स खरीदने वाले प्रमुख भारतीयों में शिल्‍पा शेट्टी, उनके पति राज कुंद्रा, वकील रोहित कोच्‍चर आदि शामिल हैं।

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