जसप्रीत बुमराह: 7 साल की उम्र में पिता को खोया,मां से किया था वादा-एक दिन आपका नाम रौशन करूंगा

New Delhi : टीम इंडिया के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को सबसे बड़ा मैच विनर कहा जाए तो गलत नहीं होगा। दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने अपनी धारधार गेंदों से पूरी दुनिया में तहलका मचा रखा है। बुमराह की स्लोअर और यॉर्कर विरोधी बल्लेबाजों के लिए परेशानी का सबसे बड़ा सबब है।

हालांकि बेहद कम लोग जानते हैं कि आखिर बुमराह के अंदर यॉर्कर डालने का ऐसा नायाब हुनर कहां से आया? आइए हम आपको बताते हैं बुमराह के यॉर्कर किंग बनने की कहानी।

जसप्रीत बुमराह जब 7 साल के थे तो उनके पिता का निधन हो गया। उन्होंने उस वक्त अपनी मां से वादा किया था कि वो उनका नाम रौशन करके दिखाएंगे। सिर्फ 12 साल के थे तो गर्मियों की दोपहर में घर के अंदर ही बॉलिंग प्रैक्टिस करते थे। हालांकि जब ये गेंदबाज घर के अंदर बॉलिंग करता था तो उससे काफी आवाज होती थी, जिससे उनकी मां की नींद में खलल पड़ता था। बार-बार आती आवाज से परेशान होकर बुमराह की मां ने उनके सामने एक शर्त रखी। मां ने कहा कि वो बुमराह को तभी घर के अंदर खेलने देंगी जब वो गेंद से कम से कम आवाज करें। 12 साल के बुमराह ने इसका गजब हल निकाला।

बुमराह गेंद का टिप्पा उस जगह पर मारने लगे जहां फर्श और दीवार का निचला हिस्सा आपस में मिलता था। इसकी वजह से आवाज भी कम होती थी और देखते ही देखते बुमराह की यॉर्कर भी परफेक्ट हो गई। हालांकि बुमराह ने अपनी यॉर्कर को आईपीएल टीम मुंबई इंडियंस में रहकर तराशा। श्रीलंका के तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा ने बुमराह को यॉर्कर और स्लोअर यॉर्कर पर कई अहम बातें बताई, जिसकी वजह से आज वो एक बड़े गेंदबाज बन गए हैं।