बजट स्पेशल : जानिए अब-तक के बजट से जुड़ी 13 खास बातें

New Delhi: Budget वो वित्तीय लेखा-जोखा है जो केंद्र सरकार द्वारा हर वर्ष संसद मे पेश किया जाता है। बजट की तारीख़ से पहले ही नौकरी पेशे वाला आम आदमी हो या साधारण गृहिणी.. छोटा बिजनेसमैन हो या बड़ा उद्योगपति.. सभी में बजट को लेकर एक उत्सुकता बनी रहती है कि बजट कब आ रहा है? बजट कैसा होगा? बजट में इस बार क्या नया आएगा?

आइए सबसे पहले जानते है कि Budget क्या है?

साधारण शब्दों मे कहे तो बजट सरकार के खजाने का एक लेखा-जोखा है। ऐसा लेखा-जोखा जिसमें सरकार द्वारा विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त की जाने वाली आय के साथ-साथ सरकार द्वारा उसकी विभिन्न योजनाओं ओर गतिविधियों पर किए जाने वाले खर्चों को दर्शाया जाता है। साथ ही इसमें अगले वित्तीय वर्ष के रेवेन्यू एवं केपिटल एकाउंट के अनुमानों को भी दर्शाया जाता है।सरकार का बजट बनाना एक लंबी लेकिन एक महत्त्वपूर्ण प्रक्रिया है।

आइए जानते है आजादी से लेकर आज तक पेश किए गए Budget की कुछ रोचक बातें-

1. स्वतंत्र भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को प्रथम वित्त मंत्री आर के सन्मुखानंद नें प्रस्तुत किया जो साढ़े सात महीनों के समय के लिए था।

2. आम बजट, फरवरी माह के अंतिम संसदीय कार्य दिवस में शाम को पांच बजे पेश करने की परम्परा रही है लेकिन वर्ष 2000 से वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने इसे बदल कर दिन मे 11 बजे पेश करने की परम्परा डाली। वहीं वर्ष 2018 से वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसे फरवरी माह के पहले संसदीय दिवस को पेश करने की परम्परा का शुभारम्भ किया।

3. Budget की प्रिंटिंग “हलवा रस्म” के साथ प्रारम्भ होती है। यह ऐसी रस्म है कि Budget की प्रिंटिंग शुरू होने से पहले हलवा बनाया जाता है।

4.Budget प्रिंटिंग मे सम्मिलित कर्मचारियों को बजट पेश होने के एक सप्ताह से पहले पूरी तरह से आईसोलेशन मे रखा जाता है। उन्हें घर वालों एवं परिचितों से भी बात करने की अनुमति नहीं होती है।

5. पहले Budget राष्ट्रपति भवन मे प्रिंट होता था लेकिन 1950 मे बजट लीक होने से उसे सिक्युरिटी प्रेस मे प्रिंट कराया जाने लगा है। अब 1980 से नॉर्थ ब्लॉक में ही विशेष प्रिंटिंग प्रेस लगाई गई है और बजट वहीं प्रिंट होता है।

6. वर्ष 1973-74 के बजट को ब्लैक बजट कहा गया क्योंकि वो बजट बहुत हाई डेफ़ीसीट बजट था।

7.जवाहर लाल नेहरू ऐसे पहले प्रधान मंत्री थे जिन्होंने 1958 – 59 मे वित्त मंत्री के रूप मे बजट भी पेश किया।

8. सबसे ज्यादा Budget मोरारजी देसाई ने किया है। उन्होंने 10 बार बजट पेश किया है।

9 बजट पेश करने वाले वेंकट रमन ऐसे वित्त मंत्री थे जो बाद मे राष्ट्रपति बने थे।

10. सबसे छोटे कार्यकाल के वित्त मंत्री जसवंत सिंह रहें जिनका कार्यकाल मात्र 13 दिन का रहा।

11. इंदिरा गांधी 1970-71 में पहली महिला वित्त मंत्री बनी। हालांकि वो उस समय देश की प्रधानमंत्री भी थी। आपको बता दें कि पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री हाल ही में नियुक्त वित्त मंत्री सीता रमन है।

12 वर्ष 1990 में तीन अंतरिम बजट पेश किए गए थे।

13. यशवंत सिन्हा ऐसे वित्त मंत्री रहें जिनके वर्ष 2002 के बजट में सबसे ज्यादा rollbacks हुए मतलब उन्होंने काफी टैक्स प्रपोज़ल्स को वापिस लिया था।