गुस्ताखी माफ : योगी आदित्यनाथ के सलाह के बाद वित्तमंत्री ने बजट का नाम बहीखाता रखा

New Delhi: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कल संसद में बहीखाता मतलब बजट पेश किया। इस बार के बजट में सरकार ने देश हित में कई बड़े फैसले लिए, जिसमें सबसे बड़ा फैसला था बजट को ब्रीफकेस के बजाय लाल कपड़े में ले जाया जाए और उसका नाम बदलकर बहीखाता रखा जाए। फेकमेल की खबरों के अनुसार सरकार के इस बड़े फैसले के पीछे उत्तर प्रदेश  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हाथ है क्योंकि इससे पहले में भी उन्होंने प्रदेश हित में ऐसे कई फैसलें लिए है।

सरकार के इस फैसले से विपक्ष काफी नाराज दिखा। विपक्ष के एक नेता के रिश्तेदार ने हमें बताया कि इस फैसले के पीछे सरकार की  मंशा ठीक नहीं है वह देश की संस्कृती को खतरे में डाल रही है। वहीं  कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि हमारी सरकार 40-50 सालों के बाद जब कभी भी आएगी तो हम ipad  से बजट पेश करेंगे।

वहीं योगी आदित्यनाथ का बजट का नाम बहीखाता रखने पर सरकार की सराहना करते हुए कहा कि हमने पहले भी कई समस्याओं का निवारण नाम बदल कर किया है और आगे भी करते रहेंगे। वहीं सरकार का इस कदम पर कोई बयान तो नहीं आया है पर उड़ती हुई खबरों के अनुसार सरकार का अगला कदम  कलम दवात से बजट लिखने का हो सकता है।

बजट के बारे में जब राहुल गांधी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अब मैं कांग्रेस अध्यक्ष तो रहा नहीं फिर इस पर कैसे बोलूं। वहीं कांग्रेस के अत्यधिक अनुभवी नेता सैम पित्रोदा ने बजट पर बस इतना ही कहा कि हुआ सो हुआ।

बजट को लेकर पर देश की मीडिया काफी संजिदा दिखी। मीडिया चैनलों ने  बजट के दिन अपनी खोजी पत्रकारिता से देश की जनता को सच से रूबरू कराया। एक चैनल ने खोजी पत्रकारिता का शानदार नमुना पेश करते हुए जनता को बताया कि पीएम मोदी ने बजट के दौरान पूरे 80 बार मेज थपथपाया।