सोशल मीडिया: आम आदमी बजट के दौरान “समझ नहीं आया पर सुन के अच्छा लगा”

New Delhi: 17वीं लोकसभा के गठन के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज पहला आम बजट पेश कर चुकीं हैं। वित्त मंत्री का बजट भाषण सुबह 11 बजे लोकसभा में शुरु हो गया था। इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लाल कपड़े में लपेटा हुआ बहीखाता लेकर लोकसभा में पहुंचीं। बहीखाता का इस्तेमाल सामान्यतः भारतीय व्यापारी वर्ग के लोग लेखा-जोखा रखने के लिए करते हैं। इसको लेकर क्या चल रहा है सोशल मीडिया में

पश्चिमी सभ्यता को ख़त्म करने के लिए निर्मला जी का शुक्रिया

मेरे को समझ नहीं आया , पर सुन के अच्छा लगा।

टैक्स देने वाले सीतारमण की और कुछ इस तरह से देख रहे थे।

मध्यमवर्गीय के लोग कुछ ऐसा अनुभव कर रहे थे ……

बजट की कुछ मुख्य बातें

अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि- “किसानों के लिए 10 हजार नए किसान उत्पादक संगठन बनाने की योजन बना रहें हैं। हमारे किसान लगातार सफलता हासिल करेंगे। हम उस स्थिति में आ जाएंगे जहां पर किसानों के लिए अलग के बजट लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस कार्य के लिए राज्य में किसानों को ट्रेनिंग दी जा रही है, ऐसे कदम उठाने से 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो सकती है।

हमारी सरकार के केंद्र बिंदु में गाँव , गरीब , किसान , मजदूर है। 1.95 करोड़ आवास मुहैया कराया जाएगा। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत गाँव को जोड़ा जाएगा। रोजाना 135 किलोमीटर सड़क बनाने का लक्ष्य हैं। निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि – “गांधी जी ने कहा था देश की आत्मा गाँव में निवास करती है”। 59 मिनट में छोटे दुकानदारों को लोन दिया जायेगा। सीतारमण ने कहा कि – देश में गाँव और शहर का फर्क लगातार कम हो रहा है। लोकसभा में उनके माता-पिता भी साथ हैं। उनकी माता सावित्री देवी और नारायणन सीतारमण संसद में पहुंचे। इस बार के बजट को बहीखाता नाम दिया गया है। हर बार वित्त मंत्री ब्रीफकेस में बजट को लेकर लोकसभा पहुँचते थे। लेकिन इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लाल कपड़े में लपेटा हुआ बहीखाता लेकर लोकसभा पहुंचीं हैं। बहीखाता का इस्तेमाल सामान्यतः व्यापारी वर्ग के लोग लेखा-जोखा रखने के लिए करते हैं।