1991 का वो बजट जिसने देश की अर्थव्यवस्था को बदल डाला..

5 जुलाई को मोदी सरकार 2.0 का बजट पेश किया जायेगा। इस बजट से लोगों को तमाम उम्मीदें हैं ।अब देखने वाली बात ये है अपनी नई सरकार के पहले बजट में पीएम मोदी और वित्त मंत्री लोगों की उम्मीदों पर कितने खरे उतरते हैं।खैर बजट को आने में अभी कुछ दिन बचे हैं तो हम आपको 1991 के उस बजट के बारे में बतायेंगे जिसने भारत की अर्थव्यवस्था का पूरा स्वरूप ही बदल दिया।

1991 में जब देश की अर्थव्यवस्था बुरे दौर से गुजर रही थी तब तत्कालीन वित्तमंत्री मनमोहन सिंह जो बाद में पीएम बने ने 24 जुलाई 1991 को  बजट पेश किया। इस बजट में उन्होंने आर्थिक उदारीकरण के जरिए भारत में पूंजी निवेश बढ़ाने में और रोजगार के अबसर बढ़ाने का काम किया था।

इस बजट के बाद भारत की जो इकॉनोमी बंद थी अब वह दुनियांभर के देशों के लिए व्यापार,निवेश के लिए खुल गई। इसके जरिए आयात-निर्यात पॉलिसी में काफी सुधार किया गया। आयात के लिए लाइसेंस की प्रक्रिया को जहां आसान बनाया गया वहीं निर्यात बढ़ाने और आयात को जरूरत के हिसाब से रखने पर योजना बनी। सीमा शुल्क 220 प्रतिशत से घटाकर 150 प्रतिशत कर दिया गया, जो एक बड़ा बदलाव था।

केन्द्र की कांग्रेस शासित पी.वी. नरसिम्हाराव सरकार में बतौर वित्त मंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह वित्तीय बजट पेश करते हुए साल 1991-1995 के दौरान देश की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दी। रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर के तौर पर मनमोहन सिंह ने 1991 में आर्थिक सुधार की दिशा में कई कदम उठाए। बतौर वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने कई ऐसे नियम बदले जिसने अर्थव्यस्था की रफ्तार को रोक रखा था।

आरबीआई के पूर्व गवर्नर डॉक्टर मनमोहन सिंह की ओर से पेश किए गए बजट का मुख्य उद्देश्य था- माइक्रो इकॉनोमिक स्टेबलाइजेशन, फिस्कल और स्ट्रक्चरल एडजस्टमेंट। उच्च मुद्रास्फीति और सिर्फ 15 दिनों के लिए बचे फॉरेक्स रिजर्व के बीच संकट के वक्त इस बजट को पेश किया गया।डॉलर को लेकर इंडिया डेवलपमेंट बॉण्ड्स लांच किया गया।अप्रवासी भारतीयों से विदेशी मुद्रा बढ़ाने के उद्देश्य से उनके निवेश के लिए नए सेक्टर्स खोले गए। विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के लिए नीति को और अधिक उदारवादी बनाया गया।

इस बजट में एक स्पेशल बोर्ड का गठन किया गया जो बाद में फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) बना। इसका काम विदेशी फर्म्स के साथ बातचीत कर उन्हें निवेश की मंजूरी देना था।

इस बदलाव ने ना सिर्फ देश में रोजगार के अवसर बढ़ाये बल्कि लोगों के जीवन स्तर में सुधार भी हुआ।यह बजट ऐतिहासिक दृष्टि से हमेशा याद किया जायेगा।

kaushlendra

सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर लिखने में दिलचस्पी है।गांधी जी का फैन हूँ।समाज में जागरुकता लाना उद्देश्य है।पत्रकारिता मेरा प्रोफेशन है,जुनून है और प्यार भी है।
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