अभी-अभी: मेरा पक्ष सुने बिना ही चुनाव आयोग ने 48 घंटे का बैन लगाया: मायावती

New Delhi: बसपा सुप्रीमो Mayawati लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रही हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मायावती ने कहा कि कारण बताओ नोटिस में EC ने नहीं लिखा कि मैंने भडकाऊ भाषण दिया। नोटिस में सिर्फ ये लिखा है कि मैंने किसी धर्म विशेष से वोट देने के लिए कहा। मायावती ने आगे कहा कि- योगी के मामले में EC के आदेश से फर्क नहीं, क्योंकि वो पार्टी के अध्यक्ष नहीं। यह आदेश जानबूझकर दिया गया, जिससे दूसरे चरण का प्रचार ना कर सकें। यह चुनाव आयोग के इतिहास का काला आदेश है। मुझे आरोपों की कोई भी सीडी रिकॉर्डिंग नहीं दी गई।

चुनाव आयोग ने मेरा पक्ष नहीं सुना। बिना मेरा पक्ष सुने बिना ही चुनाव आयोग ने बैन लगा दिया। बता दें कि चुनाव आयोग ने मायावती के प्रचार पर 48 घंटे की रोक लगी है। वह 16 और 17 अप्रैल को कोई चुनाव प्रचार नहीं कर पाएंगी। इसलिए वह आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही हैं।

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ और मायावती पर आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में चुनाव आयोग ने प्रचार करने पर रोक लगा दी। योगी आदित्यनाथ 72 घंटे का बैन लगा है। वहीं, मायावती पर 48 घंटे का। इस दौरान दोनों नेता ना ही कोई रैली को संबोधित कर पाएंगे और ना ही सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर सकेंगे।

यूपी के देवबंद में चुनावी सभा के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों से वोटों के लिए अपील की थी। मायावती ने अपने संबोधन में कहा था कि मुस्लिम समुदाय के लोग अपना वोट बंटने ना दें और सिर्फ महागठबंधन के लिए वोट दें। मायावती का ये बयान धर्म के नाम पर वोट मांगने के नियम का उल्लंघन माना गया है।

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वहीं, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने एक संबोधन में मायावती पर हम’ला करते हुए कहा था कि अगर विपक्ष को अली पसंद है, तो हमें बजरंग बली पसंद हैं। दोनों नेताओं के इन बयानों पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया था और दोनों नेताओं को हिदायत दी थी।