BSF के शहीद जवान गुरनाम ने कश्मीर से किया आ’तंकियों का सफाया, अब होगा उनका सम्मान

NEW DELHI :  कश्मीर में अपना शौर्य दिखाने वाले पोस्‍ट कमांडर निरीक्षक भूपिंदर सिंह और उनके साथी शहीद BSF जवान गुरनाम सिंह को आने वाली 22 मई को सम्मानित किया जाएगा। BSF के हिस्‍से अब तक एक महावीर चक्र, चार कीर्ति चक्र, 13 वीर चक्र, 13 शौर्य चक्र के अलावा वीरता के लिए 232 राष्‍ट्रपति पुलिस पदक और 929 पुलिस पदकों से सम्मानित किया जा चुका है। देश की रक्षा में BSF ने अब तक अपने 1889 सैनिकों को गंवा दिया है।

गुरनाम को मरणोपरांत पुलिस पदक सम्‍मान से नवाजा जाएगा। वाकया जम्मू में स्थित इंटरनेशनल बॉर्डर का है जहां पर बोबिया फॉरवर्ड में BSF की 173 बटालियन की पोस्‍ट है। 19 अक्टूबर 2016 की रात तकरीबन 23:45 बजे भूपिंदर सिंह सीमा पोस्ट पर तैनात जवानों की हौसला-आफजाई के लिए अपनी बुलेटपू्रफ गाड़ी से गश्‍त के लिए निकले। बॉर्डर से करीब 100मी. की दूरी पर बने रास्ते पर वह जैसे ही आगे बढ़े, घात लगाए बैठे आ’तंकियों ने उन पर हमला कर दिया।

आ’तंकियों के पास रॉकेट प्रोपेल ग्रेनेड (आरपीजी) व ऑटोटोमैटिक हथि’यार थे। भूपिंदर सिंह ने तुरंत स्थिति को भांपा और गाड़ी से निकलकर मोर्चा संभाला। इसी समय आरक्षक गुरनाम सिंह भी तुरंत हरकत में आ गए। उन्‍होंने अपनी लाइट मशीन गन से आ’तंकियों पर हमला किया।

आ’तंकियों पर गो’लियां बरसाते गुरनाम ने आ’तंकियों को सांस लेने की मोहलत तक नहीं दी। इससे बौखलाए आ’तंकियों ने गुरनाम पर जवाबी फायरिंग की। फायरिंग में गुरनाम गंभीर रूप से घायल हो गए। आ’तंकी एक निश्चित दिशा में फायरिंग कर रहे थे। कमांडर सिंह ने नजदीक स्थित पोस्ट में पोजीशन संभाली और सीमा पोस्टों पर मौजूद जवानों कोआ’तंकियों पर चारों तरफ से हमला करने का आदेश दिया। आ’तंकियों को काफी नुकसान हुआ। कमांडर सिंह की सूझ-बूझ और युद्धकौशल की कुशल नीति ने आ’तंकियों को भागने पर मजबूर कर दिया था।