राफेल पर पूर्व वायु सेनाप्रमुख बीएस धनोआ ने कहा राजनीतिक फायदे के लिए मामले को उठाना गलत

New Delhi : सुप्रीम कोर्ट ने आज राफाल मामले में दाखिल पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है। इस पर पूर्व वायु सेना प्रमुख बीएस धनोआ ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि यह मामला अब शांत हो जाएगा। राजनीतिक लाभ पाने के लिए राजनीतिक पार्टीयों को ऐसे मुद्दों को उठाना, अपने सशस्त्र बलों के हित को पीछे रखना, मुझे लगता है। पूर्व वायु सेनाअध्यक्ष ने आगे कहा कि यह सही नहीं है।

इससे पहले राक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं राफेल मामले में उच्चतम न्यायालय की समीक्षा याचिकाओं को स्पष्ट रूप से खारिज करने का तहे दिल से स्वागत करता हूं और इस घोषणा के साथ ही एनडीए सरकार का मानना है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमारी सरकार की पारदर्शिता को दर्शाता है।
रक्षामंत्री ने आगे कहा कि राफेल जेट की खरीद पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से की गई थी, जो भारत की रक्षा तैयारियों को अद्यतन और उन्नत करने की मांग को ध्यान में रखते हुए किया गया था। उन्होंने आगे कहा कि रक्षा तैयारियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों का राजनीतिकरण कभी नहीं किया जाना चाहिए।

आपको बता दें कि राफेल लड़ाकू विमान डील मामले में सुप्रीम कोर्ट में 2018 के फैसले पर पुनर्विचार के लिए याचिका दाखिल की गई थी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ इस पुनर्विचार याचिका पर फैसला सुनाते हुए उसे खारिज कर दिया।

कोर्ट में दायर याचिका में डील में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही ‘लीक’ दस्तावेजों के हवाले से आरोप लगाया गया है कि डील में PMO ने रक्षा मंत्रालय को बगैर भरोसे में लिए अपनी ओर से बातचीत की है।

कोर्ट में विमान डील की कीमत को लेकर भी याचिका डाली गई है। हालांकि कोर्ट साफ कर चुका है कि बिना ठोस सबूतों के वह रक्षा सौदे में कोई भी दखल नहीं देगा। ऐसे में अब कोर्ट इन सभी याचिकाओं को लेकर अपना फैसला सुना सकता है।