आज भी देखने को मिल रही है गंगा- जमुना तहजीब, मुस्लिम दुकानदार भी बेच रहे हैं कांवड़ियों के कपड़े

New Delhi : सावन का महीना शुरू हो गया है। सभी कांवड़िए भलेनाथ के दर्शन को पहुंच रहे हैं।  कांवड़ियों के पहनने के वस्त्र और सावन के पूजा में लगने वाली सारी सामाने दुकानों में सज चुकी हैं। वहीं वाराणसी में भी गंगा – जमुना तहजीब का संगम देखने को मिल रहा है।  यहां के दुकानदारों का कहना है, “हिंदू और मुस्लिम दोनों दुकानदार वाराणसी के सदियों पुराने ‘गंगा-जमुनी तहज़ीब’ के अनुसरण में ‘सावन’ के लिए कपड़े और अन्य चीज़ें बेचते हैं।”

मुस्लिम व्यक्ति की दुकान में कांवड़ियों के सादे गेरुए कपड़े नहीं बल्कि हर -हर महादेव, ओम नम : शिवाय, महाकाल लिखी हुई टी -शर्टें भी रखी हैं। हिंदू – मुस्लिम के सारे मतभेदों को भुलाकर ये भाईचारे की मिशाल पेश कर रहे हैं। यही नहीं यहां पर योगी और मोदी की भी टी-शर्ट रखी हुई दिख रही हैं। ये उन लोगों के लिए शर्म की बात है जो किसी को भी जय श्री राम न कहने की वजह से पी’ट देते हैं। यहां कि केवल यह नारा न लगाने की वजह से मा’र डालते हैं।

सड़कों की हालत खराब, गड्ढों में गिरे कांवरिये

बता दें कि कांवड़ यात्रा के पहले दिन ही प्रशासन की बातें हवा- हवाई साबित हुई। काशी में भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे आम श्रद्धालु और कांवड़िए  मंदिर परिक्षेत्र में खोदे गए गड्ढों में गिरकर चोटिल हो गए। वहीं सांड़ और गाय गलियों में घूमते नजर आए। घाट से लेकर गलियों तक लाइट की व्यवस्था न होने के कारण स्थिति और बिगड़ गई। भीड़ अधिक होने के कारण अफरातफरी मच गई और इसी के बीच मंदिर परिसर में खुदे गड्ढों में कई कांवड़िए गिर गए। भीड़ को अनियंत्रित होता देख प्रशासन ने जैसे- तैसे स्थिति संभाली।

योगी का आदेश-कुंभ की तर्ज पर हो कांवड़यात्रा का आयोजन,कांवड़ियों को नहीं होनी चाहिए कोई परेशानी