कावड़ यात्रा पर औवेसी के बयान पर भड़की बीजेपी, कहा- यह हैं उनका मानसिक दिवालियापन

New Delhi:  उत्तर प्रदेश पुलिस ने कार्यालयों और संस्थानों को आदेश दिया हैं कि वह अपने कर्मचारियों को खुले में नमाज पढ़ने पर रोक लगाए। दरअसल, नोएडा सेक्टर-58 पुलिस ने खुले में नमाज पढ़ने से रोक लगा दी है। नोएडा पुलिस ने इंडस्ट्रियल एरिया के सभी कंपनियों को नोटिस भेजा है। इस नोटिस के मुताबिक, अगर नोएडा सेक्टर-58 स्थित इंडस्ट्रियल हब स्थित कार्यालयों के कर्मचारी नियमों का उल्लंघन करते पाए तो इसके लिए संस्थान को ही जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

इस कड़ी में एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर यूपी पुलिस पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि उत्तर प्रदेश की पुलिस ने कांवड़ियों के लिए फूल बरसाए थे, लेकिन हफ्ते में एक बार पढ़ी जाने वाली नमाज से शांति और सद्धाव बिगड़ सकता हैं, ये बिल्कुल वैसा हुआ कि आप मुसलमानों से कह रहे हो कि आप कुछ भी कर लो, लेकिन गलती तो आपकी ही होगी। ये कहां तक सही हैं कि कोई कंपनी ये तय करे कि एक कर्मचारी अपनी निजी जिंदगी में क्या करता हैं।

ओवैसी के इस ट्वीट पर बीजेपी भड़क गई। बीजेपी ने इस ट्वीट को उनका मानसिक दिवालियापन करार दिया। बीजेपी प्रवक्ता डॉ चंद्रमोहन ने कहा कि कि असदुद्दीन ओवैसी को जानकारी नहीं है। तथ्यों के प्रति वे हमेशा से अनभिज्ञ रहे हैं। नोएडा पुलिस ने जो किया है, वह बिलकुल सही है। सार्वजनिक पार्क में इस तरह का आयोजन, जिस पर लोग आपत्ति कर रहे हों, उसे प्रतिबंधित करने और शांति व्यवस्था को लेकर उठाया कदम सराहनीय है।

Bjp Spokeperson Dr. Chandrmohan

उन्होंने कहा कि ओवैसी जी का मानसिक दिवालियापन है। उन्हें पता ही नहीं है कि कांवड़ यात्रा क्या है? और कांवड़ यात्रा की पुष्प वर्षा क्या है? उन्होंने कहा कि यूपी सरकार कांवड़ यात्रा के साथ मोहर्रम, सिखों के पर्व, जैनों के पर्व सभी की चिंता करती है। सवाल उनसे पूछना चाहिए जो अयोध्या में दीपोत्सव पर कोई काम नहीं करते थे। बृज में होली की चिंता नहीं करते थे। रक्षाबंधन की चिंता नहीं करते थेय़ यूपी पुलिस ने कांवड़ ​यात्रियों का जो अभिनंदन किया, वह सराहनीय है।

बताया जा रहा हैं कि नोएडा की कंपनियों ने इस मामले में पुलिस के आला अधिकारियों से बातचीत करने की मांग की हैं। पुलिस का नोटिस मिलने के बाद कंपनियों के एग्जिक्यूटिल ने बताया कि इस आदेश के बाद इंडस्ट्री में चिंता का माहौल हैं। वह पुलिस से कर्मचारियों के उल्लंघन पर उन्हें जिम्मेदार ठहराए जाने के मुद्दे को लेकर बात करना चाहते हैं।

यूपी पुलिस द्वारा जारी नोटिस में लिखा गया हैं कि हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि प्रशासन सेक्टर-58 स्थित अथॉरिटी पार्क में शुक्रवार को नमाज समेत किसी भी धार्मिक गतिविधि करने की इजाजत नहीं देता है। अक्सर देखा जा रहा हैं कि आपकी कंपनी के कर्मचारी पार्क में नमाज पढ़ते हैं। वहीं उन्हें सिटी मैजिस्ट्रेट की तरफ से भी इस तरह की अनुमित नहीं दी गई है। ऐसे में कंपनियों से उम्मीद की जाती हैं कि वे अपने कर्मचारियों को पार्क में नमाज पढ़ने के लिए मना करें। अगर कोई कर्मचारी पार्क में नमाज पढ़ता हैं और यह पता चलता सहैं कि कपंनी ने इस आदेश की जानकारी उसे नहीं दी हैं तो इसके लिए कंपनी को जिम्मेदार ठहराया जायेगा।