चिदम्बरम की गिरफ्तारी पर बोले भाजपा सांसद-‘कर देते पहले ही आत्मसमर्पण तो गरिमा रह जाती बरकरार’

NEW DELHI: पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदम्बरम को INX मीडिया मामले में CBI ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी को लेकर अब कई नेता अपनी चुप्पी तोड़ रहे हैं। इसी क्रम में अब बागपत से भाजपा सांसद सत्य पाल सिंह ने बड़ा बयान दिया है।

सत्य पाल सिंह ने कहा- ‘चिदम्बरम जी पूर्व केंद्रीय वित्त और गृह मंत्री हैं, वो एक बुद्धिजीवी हैं और कानून को जानते हैं, उन्हें अदालत के आदेश के बाद इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए था।जो हुआ वह अच्छा नहीं था। अगर उन्होंने पहले ही आत्मसमर्पण कर दिया होता तो उनकी गरिमा बरकरार रहती। ‘

 

आईएनएक्स मीडिया केस में चिदंबरम पर फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) से गैरकानूनी तौर पर मंजूरी दिलाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप है। अभी तक चिदंबरम, 20 से ज्यादा बार गि’रफ्तारी से बच चुके हैं लेकिन इस बार उन्हें कोर्ट ने राहत नहीं दी। मामला 2007 का है, उस समय पी. चिदंबरम यूपीए-2 सरकार में वित्त मंत्री थे।

वित्त मंत्री चिदंबरम ने 2007 में आईएनएक्स मीडिया से रिश्वत लेकर एफआईपीबी से गैर’कानूनी तरीके से मंजूरी दिला दी थी। जिसके कारण 28 फरवरी 2018 को उन्हें गि’रफ्तार किया गया था। प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी) ने सीबीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार एक पीएमएलए (Prevention of Money Laundering Act) दर्ज किया था। हुआ यूं कि 2007 में आईएनएक्स मीडिया को विदेशी फंडिग के रूप में 305 करोड़ रुपए दिए गए थे। इसके लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के प्रस्तावों की मंजूरी कराना आवश्यक था।

उस समय चिदंबरम वित्त मंत्री थे तो आईएनएक्स मीडिया ने चिदंबरम से सिफारिश लगाई क्योंकि एफआईपीबी वित्त मंत्रालय के अधीन था। चिदंबरम ने उन्हें फंड दिलाया जिसके बाद उन पर अनियमितताओं का आ’रोप लगाया गया। ईडी की अब तक की जांच से पता चला है कि FIPB की मंजूरी के लिए आईएनएक्स मीडिया के पीटर और इंद्राणी मुखर्जी ने पी.चिदंबरम से मुलाकात की थी, ताकि उनके आवेदन में किसी तरह की देरी ना हो।