दूषित जल पर बोले मनोज तिवारी- दिल्ली में हेल्थ इमरजेंसी, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हो कार्रवाई

New Delhi: जब से दिल्ली सहित देश की 20 शहरों की पानी की गुणवत्ता को लेकर भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की रिपोर्ट सामने आई है, उसके बाद से दिल्ली में बवाल मच गया है। इस पर दिल्ली के भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हेल्थ इम’रजेंसी जैसे हालात हो गए हैं।

मनोज तिवारी ने कहा, ‘दिल्ली में हेल्थ इमरजेंसी है। हाल ही में बीआईएस यानी भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों में दिल्ली में पानी पीने की गुणवत्ता सबसे खराब पाई गई। जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उनके खि’लाफ कार्रवाई होनी चाहिए। तिवारी ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता जल्द ही दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे और पानी का सैंपल जमाकर केजरीवाल को सौंपेंगे।’

बता दें कि शनिवार को रामविलास पासवान ने दिल्ली सहित देश की 20 शहरों की पानी की गुणवत्ता को लेकर रिपोर्ट जारी की थी। बीआईएस ने पीने के पानी को लेकर बड़ा खुलासा किया था। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि दिल्ली से लिए पानी के नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। सर्वेक्षण के पहले चरण में बीआईएस ने पाया था कि दिल्ली से लिए गए सभी 11 नमूने गुणवत्ता के मानकों पर फेल हैं। इस रिपोर्ट में साफ पानी के मामले में मुंबई पहले नंबर, हैदराबाद दूसरे नंबर और भुवनेश्वर तीसरे नंबर पर रहा।

केजरीवाल ने रिपोर्ट को बताया गलत

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज सोमवार को इस रिपोर्ट पर ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान तो बताते नहीं हैं कि उन्होंने सैंपल कहां से लिए, लेकिन हम बताएंगे कि सैंपल कहां से लिए और उसकी जांच कराकर डाटा पेश करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘किसी भी शहर के पानी की गुणवत्ता को 11 नमूनों के आधार पर तय नहीं किया जा सकता है। हालांकि रामविलास पासवान जी यह नहीं बता रहे हैं कि उन्होंने यह नमूने कहां से लिए। मैं दिल्ली के हर वार्ड से 5 नमूने लूंगा और इसकी जांच की जाएगी। उसके बाद रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाएगा।’

इस पर संसद में उपभोक्ता मामलोंं के मंत्री रामविलास पासवान ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में नल का पानी पीने लायक नहीं है। पासवान ने कहा, ‘इस मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। मैं 2-3 वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति करूंगा और दिल्ली सरकार को भी 2-3 अधिकारियों की नियुक्ति करनी चाहिए जो पानी के नमूनों की जाँच करेंगे। इसके बाद हम सार्वजनिक रूप से रिपोर्ट डालेंगे।’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की रिपोर्ट पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।

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