भाजपा ने कहा- केजरीवाल फिर से ऑड-इवन लाकर दिल्ली के लोगों को पागल बना रहे हैं

New Delhi: शुक्रवार को एक प्रेस कान्फ्रेंस बुलाकर दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने राज्य में बढ़ रहे प्रदूषण के चलते ऑड-इवन फॉर्मुले को फिर से सड़कों पर उतारने का निर्णय लिया। 4 नवंबर से लेकर 15 नवंबर तक इसे लागु किया जाएगा। इसके साथ ही दिल्ली की राजनीति में भी हलचल मच गई विपक्षी भाजपा न कहा कि केजरीवाल दिल्ली के लोगों को पागल बना रहे हैं लेकिन वो समझदार हैं वो समझते हैं की ये उनका राजनीतिक स्टंट है।

पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने AAP सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए कहा, “दिल्ली के लोग बहुत बुद्धिमान हैं और वे समझते हैं कि यह एक राजनीतिक स्टंट है। केजरीवाल हर बार और फिर अपने चुनावी स्टंट के एक हिस्से के रूप में योजनाओं के साथ आते हैं। अगर उन्हें पता है कि नवंबर में प्रदूषण पराली जलाने से होता है न कि वाहनों से।

केजरीवाल ने योजना को फिर से लागु करते हुए कहा कि नवंबर महीने में दिल्ली के आसपास के राज्यों में पराली जलाई जाती है जिससे ​दिल्ली गैस चैंबर बन जाती है। इस वजह से दिल्ली सरकार ने एक बार फिर से ये स्कीम लागू करने का फैसला किया है। केजरीवाल ने ये भी कहा कि प्रदूषण से निपटने के लिए ​केंद्र और पंजाब सरकार अपने स्तर पर काम कर रही है लेकिन दिल्ली सरकार हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठ सकती। उन्होंने कहा कि दिल्ली एक ऐसा राज्य है जहां प्रदूषण 25 प्रतिशत कम हुआ है।

भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने भी ऑड-ईवन योजना को लेकर AAP की आलोचना की और इसके कार्यान्वयन पर खर्च किए गए धन का लेखा-जोखा मांगा। लेखी ने कहा, “यह कदम लोगों को पागल बनाने के लिए उठाया गया है। दिल्ली में प्रदूषण का मुख्य कारण बड़े ट्रक थे, जो अब राष्ट्रीय राजधानी से बाहर हैं।”

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता विजय गोयल ने भी केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा और कहा कि उन्होंने शासन का मजाक उड़ाया है। गोयल ने कहा, “अब जब साढ़े चार साल बीत चुके हैं, तो वे (दिल्ली सरकार) लोगों को मास्क वितरित करेंगे, पौधे वितरित करेंगे, पौधों पर छिड़काव करेंगे, मार्शल नियुक्त करेंगे और ऑड-ईवन योजना को भी लागू करेंगे।”