कश्मीर में राष्ट्रपति शासन के विस्तार के लिए भाजपा ने अपने लोकसभा सदस्यों के लिए व्हिप जारी किया

New Delhi: 17 वीं लोकसभा के गठन के बाद संसद का पहला सत्र प्रारम्भ हो चुका है। संसद में आज के कार्यवाही को लेकर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एएनआई से बात की। मेघवाल ने आज बातया कि भारतीय जनता पार्टी ने आज अपने लोकसभा सांसदों के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। जिसमें जम्मू और कश्मीर में राष्ट्रपति शासन के विस्तार और जम्मू एवं कश्मीर आरक्षण अधिनियम का  आज का मुख्य मुद्दा है।

तीन लाइन का व्हिप क्या है?
‘यह किसी राजनीतिक पार्टी द्वारा बनाया गया एक नैतिकता का वह नियम है जिसमें पार्टी के सभी सदस्यों को उस नियम के अनुसार ही चलना होता है। पार्टी का भी भी सदस्य पार्टी के नियमों का पालन करना होता है। पार्टी का कोई सदस्य अपने विचारधारा पर नहीं चल सकता है’।

फिलहाल जम्मू में राष्ट्रपति शासन चल रहा है। जो पिछले 20 जून 2018 से चल रहा है। कुछ दिन पहले जम्मू कश्मीर में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा छह महीने के लिए और राष्ट्रपति शासन बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है। जिसकी शुरुआत 3 जुलाई से होगी”। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दी थी । यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की एक बैठक में ली गई थी। जावड़ेकर ने संवाददाताओं से कहा था कि – ‘यह तय हो चुका है कि राष्ट्रपति शासन का विस्तार होगा’। यह फैसला चुनाव आयोग के एक बयान को ध्यान में रखकर लिया गया है। चुनाव आयोग ने कहा था कि – ‘1 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा के बाद राज्य में चुनावों की घोषणा की जाएगी’। राज्य में राजनीतिक संकट के बाद 20 जून, 2018 को को राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था। महबूबा मुफ़्ती और भाजपा के तकरार के बीच भाजपा ने अपना समर्थन वापस ले लिया था। प्रदेश में भाजपा की 25 सीटें थी। 28 सीटें महबूबा की पार्टी को मिला था। राज्य में विधानसभा की कुल 87 सीटें हैं। गठबंधन से भाजपा द्वारा समर्थन वापस लेने के बाद , अल्पमत के कारण सरकार गिर गई थी।

कश्मीर आरक्षण अधिनियम– इस बिल के अनुसार अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रहने वाले लोगों को भी सरकारी नौकरियों व शिक्षण संस्थानों में तीन प्रतिशत का आरक्षण दिया जाएगा। बिल का नाम है – “आरक्षण संशोधन बिल 2019”