एनआरसी को जितनी जल्दी हो सके दिल्ली में भी लागू किया जाए : मनोज तिवारी

New Delhi: असम एनआरसी की फाइनल लिस्ट आज शनिवार को सुबह 10 बजे जारी कर दी गई है। कुल 3,11,21,004 व्यक्ति इस अंतिम NRC में जगह बनाने में सफल हुए हैं। वहीं 19 लाख से ज्यादा (19,06,657) व्यक्तियों को बाहर कर दिया गया है जिन्होंने अपने दावे प्रस्तुत नहीं किए थे। इसके बाद उत्तर- पूर्वी दिल्ली से बीजेपी सासंद मनोज तिवारी ने दिल्ली में भी एनआरसी की जरूरत की बात कही।

तिवारी ने कहा, ”दिल्ली में नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) की जरूरत है क्योंकि स्थिति ख”तरनाक होती जा रही है। अवैध अप्रवासी जो यहां बस गए हैं, वे सबसे खत’रनाक हैं। हम यहां भी एनआरसी को लागू करेंगे।”

असम एनआरसी की पहली लिस्ट 1951 में जारी की गई थी। जब 30 जुलाई 2018 को ड्राफ्ट पब्लिश हुआ तो 40.7 लाख लोगों को बाहर रखा गया था।

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा था कि शनिवार को प्रकाशित होने जा रही एनआरसी लिस्ट से जो लोग छूट गए हैं उनकी चिंताओं पर राज्य सरकार ध्यान देगी और सुनिश्चित करेगी कि किसी का ‘उत्पी’ड़न’ नहीं हो। इसके लिए असम में सोमवार से लगभग 200 अतिरिक्त विदेशी न्यायाधिकरण काम करेंगे। यहां वे नागरिक अपना पक्ष रख सकते हैं जिनके नाम एनआरसी की फाइनल लिस्ट में नहीं हैं। असम सरकार केंद्र की सहायता से इन विदेशी न्यायाधिकरणों (एफटी) का गठन कर रही है।

2005 में ऐसे हुई थी इसकी शुरुआत

साल 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अगुआई में केंद्र सरकार, असम सरकार और ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) के बीच त्रिपक्षीय बैठक हुई थी। इसमें तय किया गया था कि असम समझौते में किए गए वादों को पूरा करने के लिए NRC को अपडेट करने की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए। इसके लिए तौर-तरीकों को केंद्र ने असम सरकार की सलाह से स्वीकार किया।

असम NRC की फाइनल लिस्ट जारी, 19 लाख से ज्यादा लोग अब भारत के नागरिक नहीं