बिस्वा भूषण हरिचंदन ने आंध्रप्रदेश के नये राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभाला

New Delhi : बिस्वाभूषण हरिचंदन ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के नए राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। आँध्रप्रदेश उच्च न्यायलय के न्यायाधीश चागरी प्रवीण कुमार ने बिस्वाभूषण हरिचंदन को गवर्नर पद की शपथ दिलाई।

राजभवन मे आयोजित राज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी,राज्य विधानसभा अध्यक्ष तमिनमनी सीताराम, तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू,राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों, मुख्य सचिव एल.वी. सुब्रह्मण्यम और वरिष्ठ नौकरशाहों समेत अन्य गणमान्य अतिथि शामिल हुये। पूर्व में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के रूप में उपयोग किया जाने वाला परिसर नए राज्यपाल के लिए राजभवन में बदल दिया गया है। जून 2014 में राज्य के द्विभाजन के बाद हरिचंदन दूसरे राज्यपाल है।

85 वर्षीय बिस्वाभूषण हरिचंदन ओडिशा में स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार से हैं। उन्होंने 1961 में ओडिशा उच्च न्यायालय में एक वकील के रूप में अपना कैरियर शुरू किया और 1971 में तत्कालीन भारतीय जनसंघ में शामिल हो गए। 1980 में जब भाजपा की स्थापना हुई तब वह भाजपा में शामिल हुये और ओडिशा राज्य इकाई के अध्यक्ष बने। बिस्वाभूषण हरिचंदन ने भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी कार्य किया। 1975 में आपातकाल के दौरान उन्हें मेंटेनेंस ऑफ़ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट (MISA) के तहत गिरफ्तार किया गया था क्योंकि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जजों के दमन के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।

वर्ष 1977 में, बिस्वाभूषण हरिचंदन पहली बार ओडिशा विधानसभा के लिए चुने गए और कैबिनेट में कानून मंत्री बने। उन्होंने ओडिशा मंत्रिमंडल में मंत्री के रूप में कई अन्य विभागों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बिस्वाभूषण हरिचंदन एक लेखक भी हैं जिनके विभिन्न मुद्दों पर लेख ओडिशा के प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित हुए हैं। इसके अलावा उन्होंने मारुबाताश (छह एकांकी नाटक), महासंग्राम महानायक, बक्सी जगबंधु, पिका मुटनी और उनकी आत्मकथा संगर सरिनहिन जैसी पुस्तकें भी लिखी हैं।