ट्रांसजेंडर अधिकारों से जुड़ा विधेयक संसद में पास, अब इन्हें भी मिलेंगे बराबर मौके

New Delhi: राज्यसभा ने आज ट्रांसजेंडर के अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने वाला विधेयक पास किया। इसके जरीए अब समाज के इस तबके को भी बराबरी के मौके मिल सकेंगे। विधेयक का उद्देश्य ट्रांसजेंडरों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक सशक्तिकरण करना है। बता दें बिल पहली बार इस साल जुलाई में लोकसभा में पेश किया गया था और 5 अगस्त को पारित किया गया था।

ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों का संरक्षण विधेयक को सामाजिक न्याय मंत्री थावर चंद गहलोत ने 20 नवंबर को राज्यसभा में विचार विमर्श के लिए पेश किया था। बता दें ये विधेयक ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की अभिव्यक्ति को परिभाषित करने का प्रयास है। साथ ही ये उनके खिलाफ भेदभाव को प्रतिबंधित करता है, उन्हें आत्म-कथित लिंग पहचान का अधिकार प्रदान करता है।

इसी के साथ ही ये विधेयक इस तबके को विश्वास दिलाएगा कि कोई भी प्रतिष्ठान उनके खिलाफ रोजगार, भर्ती, पदोन्नति और अन्य संबंधित मुद्दों में भेदभाव नहीं करेगा। इसके तहत एक शिकायत निवारण आयोग की स्थापना की जाएगी और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए एक राष्ट्रीय परिषद की स्थापना भी की जाएगी। प्रस्तावित कानून के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर सजा का भी प्रावधान है।

सरकार का मानना है कि विधेयक से इस वर्ग के विरूद्ध भेदभाव और दुर्व्यवहार कम होने के साथ ही इन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने से ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को लाभ पहुंचेगा। इससे समग्रता को बढ़ावा मिलेगा और ट्रांसजेंडर व्यक्ति समाज की मुख्यधारा से जुड़ कर उसके उपयोगी सदस्य बन जाएंगे।