बिहार: मॉब लिंचिंग में पुलिस ने घोषित किया था मृत, अब जिंदा अपने घर लौटा

New Delhi: पटना के रहने वाले कृष्णा मांझी जिन्हें तीन महीने पहले पुलिस और उनके परिवार वालों ने मॉब लिंचिंग में मृत घोषित कर दिया था, वो अब जिंदा बिल्कुल सकुशल अपने घर लौट आए हैं। उन्हें जिंदा देखकर परिवार और गांव वाले तो आश्चर्य चकित हैं ही पुलिस प्रशासन में भी खलबली मची हुई है।

जब उनके जिंदा होने की खबर मीडिया तक पहुंची तो पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठाए जाने लगे। उनकी पत्नी रूडी देवी जिन्होंने तीन महीने पहले अपने पति के शव की खुद शिनाख्त की थी वो उनके अब जिंदा वापस घर लोटने पर बताती हैं “मैं उस समय उनके शरीर की पहचान नहीं कर पाई थी। वह शव बहुत ही खराब हालत में था। उस व्यक्ति की लोगों ने पीट कर हत्या कर दी थी। उस शव की पहचान गांव के लोगों ने करते हुए मुझसे कहा था कि उन्होंने बिल्कुल वैसे ही कपड़े पहने थे जिस कपड़ों में शव वहां पड़ा था। अब मैं अपने पति के वापस जिंदा घर लौट आने से बेहद खुश हूं।”

महमतपुर गांव में 10 अगस्त को बच्चे की चोरी के आरोप में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। तब मृतक की पहचान रानी तालाब थाने के निसारपुरा गांव के निवासी कृष्णा मांझी के रूप में हुई थी। जो अब जीवित हैं। उनके परिवार ने पुलिस को सूचना दी थी कि वह लंबे समय से लापता है। वहीं पोस्टमार्टम के बाद शव को कृष्णा के परिवार को सौंप दिया गया। परिजनों ने शव का विधिवत अंतिम संस्कार किया लेकिन अब लगभग तीन महीने बाद, कृष्णा अपने परिवार की खुशी को लेकर जीवित घर लौटे हैं।

पटना की वरीष्ठ पुलिस अधीक्षक गरिमा मलिक ने इस मामले के बारे में बताते हुए कहा “10 अगस्त, 2019 को नौबतपुर पुलिस थाने के तहत एक भीड़ पर पथराव का मामला दर्ज किया गया था। कृष्णा मांझी के परिवार ने शव की पहचान की थी। हाल ही में कृष्णा मांझी घर लौट आए हैं “। मलिक ने कहा, “हम अब जांच करेंगे कि वास्तव में भीड़ में मारे गए व्यक्ति की हत्या किसने की थी और वो शख्स कौन था। पटना पश्चिम के एसपी द्वारा मामले की जांच की जाएगी।”