Yes Bank के बडे़ डिफ़ॉल्टर्स : अनिल अंबानी ने 12800 तो सुभाष चंद्रा ने 8400 करोड़ रूपये नहीं चुकाये

New Delhi : जांच एजेंसियां जैसे-जैसे Yes Bank के संकट की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं. बैंक के Founder Rana Kapoor और उनके परिवार पर शिकंजा कसता जा रहा है. Rana Kapoor की पत्नी Bindu और बेटियां-Rakhi, Roshni और Radha के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी है. फिर भी Roshani ने कल लंदन जाने की कोशिश की लेकिन ईडी को जैसे ही भनक लगी, मुंबई एयरपोर्ट पर रोशनी को रोक लिया.
बहरहाल जाँच के दौरान यह भी खुलासा हुआ है कि Yes Bank के सबसे बड़े डिफॉल्टर्स में Anil Ambani, MP Subhash Chandra जैसे नाम शामिल हैं. BJP के Ex MP Kirit Somaiya ने ट्वीट कर कहा है – Yes Bank Scam Major Defaulters are Anil Ambani Group ₹12800 crore, Essel Group ₹8400 crore, DHFL Group ₹4735 crore , IL&FS ₹2500 crore, Jet Air ₹1100 crore, Cox & Kings, Go Travel ₹1000 crore, B M Khaitan Group ₹1250 crore, Omkar Realtors ₹2710 crore. इस ट्वीट पर लाइक्स और रिट्वीट की बाढ़ आ गई है. कुल 44 फर्म पर 34000 करोड रुपये बकाया है इस बैंक का.

बहरहाल ED का कहना है कि जिस कंपनी को लोन दिया गया वो कोई काम नहीं करता. इसके बावजूद इन्हें समय-समय पर लोन के तौर पर बड़ी रकम मिली. इन कंपनियों में परिवार के लोग डायरेक्टर हैं जबकि कर्मचारी के नाम पर कोई नहीं है या है भी एक या दो लोग.
इधर एक बड़ा सवाल ये उठता है कि रोशनी कपूर ने लंदन भागने की कोशिश क्यों की? क्या रोशनी को पता नहीं था कि उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस है? क्या रोशनी कोई राज छिपाने के लिए लंदन जाना चाह रही थीं? क्या ललित मोदी, नीरव मोदी, विजय माल्या की राह पर चल रही थीं रोशनी कपूर? इन सवालों का जवाब उन खुलासों में छिपा है, जिसकी जानकारी ईडी को मिली है.
Yes Bank के Founder राणा कपूर फिलहाल 11 मार्च तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में है. बिंदू- राणा कपूर की पत्नी, 18 कंपनियों की निदेशक हैं. राणा और बिन्दू की बेटियां राखी, रोशनी और राधा कपूर हैं. रोशनी 23 कंपनियों की निदेशक हैं तो राधा 20 कंपनियों की. राधा के पति आदित्य खन्ना भी कई कंपनियों में अहम भूमिका निभा रहे हैं.
कपूर परिवार इन्हीं कंपनियों के जरिये फर्जीवाड़ा में लिप्त था. इसका सीधा और आसान तरीका ये था कि कॉरपोरेट घरानों को येस बैंक से मोटा कर्ज दिया जाता था और बदले में कपूर परिवार की इन कंपनियों को मोटी रिश्वत मिलती थी.

ज्यादातर कंपनियों में निदेशक मंडल एक ही है. ज्यादा कंपनियों में या तो कोई कर्मचारी नहीं है या फिर बहुत कम कर्मचारी. कपूर फैमिली की कंपनियों का कोई कारोबार नहीं था लेकिन समय-समय पर इन्हें कर्ज की मोटी रकम मिलती रहती थी.
DHFL की ओर से DoIT अर्बन वेंचर्स को रुपये 600 करोड़ का लोन मंजूर करना असल में येस बैंक का लोन चुकता न करने की रिश्वत थी. DHFL से एक कंपनी को लोन जारी करवाने के लिए 40 करोड़ की संपत्ति की कीमत को बढ़ा-चढ़ाकर 735 करोड़ बताया गया था.
कंपनियों से मिली रिश्वत से राणा कपूर एंड फैमिली ने प्रॉपर्टी में 2000 करोड़ रुपये का निवेश किया. कपूर परिवार की ज्यादातर संपत्तियां भारत में हैं. हालांकि, यूके में भी इनकी संपत्तियों की पहचान हुई है और उनकी कीमत आंकने की प्रक्रिया जारी है.

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