NDA को टूटने से बचाने के लिए भूपेंद्र यादव करेंगे चिराग पासवान से मुलाकात, मतभेद को करेंगे दूर

New Delhi:  लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए को टूटने से बचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव आज नई दिल्ली में लोक जनशक्ति पार्टी यानी LJP के मुखिया और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान से मुलाकात करेंगे। दरअसल, लोजपा नेता चिराग पासवान एक के बाद एक केंद्र की मोदी सरकार पर हमले कर रहे हें। सूत्रों के अनुसार, चिराग पासवान ने नोटबंदी को फेल मानते हुए सवाल उठाए हैं। पीएम मोदी और वित्त मंत्री पी चिदंबरम को पत्र लिखकर उन्होंने पूछा है कि नोटबंदी से देश को क्या लाभ हुआ है सो बताया जाए।

वहीं सूत्रों की मानें तो माना जा रहा हैं कि रालोसपा के बाद संभव है कि रामविलास पासवान की पार्टी लोजपा भी मोदी सरकार का साथ छोड़ दे। ताजा अपडेट के अनुसार  लोजपा संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चिराग पासवान ने रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की राह पकड़ ली है। बुधवार को एक निजी चैनल के कार्यक्रम में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तारीफ की तो केंद्र सरकार पर भी तंज कसा। फिर कहा कि घर की बात घर में ही रहनी चाहिए। उन्हें ज्यादा सीटें नहीं चाहिए।

Seat sharing

लोजपा के बिहार अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने बीजेपी को 31 दिसंबर तक सीटों का बंटवारा कर लेने का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि पहले से कम सीटें उन्हें मंजूर नहीं। खबरिया चैनल के एक कार्यक्रम में बुधवार को चिराग ने एक सवाल पर कहा कि राहुल गांधी बड़े नेता हैं। हाल के दिनों में उनमें कई सकारात्मक बदलाव आए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि सबके विकास के लिए जो योजनाएं बनीं, उनमें से कई तो धरातल पर उतरी ही नहीं।

एक दिन पहले भी चिराग ने कहा था कि एनडीए नाजुक दौर से गुजर रहा है। कई सहयोगी दल साथ छोड़ चुके हैं। ऐसे में भाजपा को एनडीए के अन्य घटक दलों को साथ बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए। ऐसे में राजनीतिक हलकों में यह सवाल उभरने लगे हैं कि कहीं रालोसपा जैसी परिणति लोजपा की भी न हो? कुशवाहा भी एनडीए से अलग होने की घोषणा करने के पहले तक ऐसी ही बातें करते थे। नरेंद्र मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनाने की बात भी करते थे और भाजपा से अपनी हिस्सेदारी को लेकर जवाब भी मांग रहे थे।