कोर्ट ने कहा-किसी भाई ने बहन को लव मैरिज करने से रोका तो उनके लिए जेल और फांसी का फंदा तैयार है

New Delhi :  दूसरी जाति के लड़के से लव मैरिज करने पर बहन की ह’त्या कर शव जलाने के दोषी भाई को फांसी की सजा सुनाई गई है। हिसार के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) डॉ. पंकज के कोर्ट ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। गांव जुगलान में 9 फरवरी 2017 को किरण (21) को जहर देकर मा’र डाला व सबूत मिटाने के लिए आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर दिया।

14 फरवरी को किरण के पति रोहताश ने पुलिस को सूचना दी। पूछताछ करने पर लड़की के भाई अशाेक (23) ने हत्या की वारदात कबूल की थी। जज की टिप्पणी- भाई का फर्ज बहन की रक्षा करना होता है, ह’त्या करने वाले न भूलें कि उनके लिए भी फंदा तैयार है : परिवार की झूठी शान के लिए यह कृत्य किया गया है। मुलजिम अशोक ने कबूल किया है कि बहन के अंतरजातीय प्रेम विवाह करने पर वह खुद को अपमानित महसूस करता था। इसलिए योजनाबद्ध तरीके से उसे मा’र डाला। यह अपराध न सिर्फ समाज, बल्कि खून के रिश्ते में विश्वास का भी कत्ल है। देश में भाई-बहन के कई त्योहार हैं। बहन की रक्षा का दायित्व भाई का होता है।

लेकिन यहां रक्षा के बजाय उसकी ह’त्या कर दी। कास्ट सिस्टम देश के लिए अभिशाप है। इसे खत्म करना होगा। इस रेयरेस्ट ऑफ रेयर घिनौने अपराध के लिए ज्यादा से ज्यादा सजा मिलनी ही चाहिए। इसके तहत फांसी की सजा बनती है। जो लोग ऑ’नर कि’लिंग जैसे कृत्य की प्लानिंग कर अंजाम देते हैं वे न भूलें कि उनके लिए भी फंदा तैयार है।” (हिसार के एडीजे डॉ. पंकज द्वारा दिए गए 35 पेज के फैसले में की गई टिप्पणी)

पति मुकर गया था गवाही से, ट्रस्ट के अध्यक्ष ने लड़ी कानूनी लड़ाई : किरण का पति रोहताश गवाही से मुकर गया तो उनका विवाह कराने वाले सनातन धर्म चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय चौहान ने याचिका दायर कर गवाही दर्ज कराई। मामले में पैरवी के लिए एडवोकेट जितेंद्र कुश के जरिए कानूनी लड़ाई लड़ी। अशोक हरियाणा पुलिस के सब इंस्पेक्टर का बेटा है। पुलिस ने मामले की जांच करके मृतका के एसआई पिता व उसके भाई अशोक से पूछताछ की थी। उन्होंने बताया था कि नेचुरल डे’थ हो गई थी। इसलिए अंतिम संस्कार कर दिया था। फोरेंसिक टीम ने किरण की अस्थियों के अवशेष कब्जे में लेकर फोरेंसिक लैब भिजवाए थे। अशोक ने एक सुसाइड नोट पेश किया था, जिसे किरण द्वारा लिखा बताया था। पुलिस को उसके ऊपर शक हुआ कि पहले नेचुरल डेथ बता रहे थे और फिर सुसाइड नोट सामने आ गया था। पुलिस ने अशोक से सख्ती से पूछताछ की तो बताया कि बहन द्वारा प्रेम विवाह किए जाने की जानकारी उसे थी। 9 फरवरी की रात को बहन को काफी समझाया था।

उसे कहा था कि उसके कदम से समाज में परिवार की प्रतिष्ठा धूमिल हो जाएगी, लेकिन वह प्रेमी से जुदा न होने की रट लगाए थी। इसके बाद किरण को इमोशनल ब्लैकमेल करते हुए खुद जहर पीकर सुसाइड करने की बात कही। फिर किरण से सुसाइड नोट लिखवाकर उसे जबरन जहर पिला दिया था, जिसके कुछ देर बाद दम तोड़ दिया था। इस मामले में मृतका का प्रेमी शिकायतकर्ता रोहताश सैनी अपनी गवाही से मुकर गया था। पुलिस ने सनातन धर्म ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय चौहान को मामले में गवाह नहीं बताया था। ऐसे में चौहान ने अपने अधिवक्ता जितेंद्र कुश के माध्यम से 5 सितंबर 2018 को कोर्ट में दरखास्त दी थी जिसे मंजूर करते हुए 14 सितंबर को उसे गवाह बनाया था। तब प्रेमी युगल के प्रेम विवाह करने के साक्ष्य कोर्ट में दिए थे।

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