कर्नल पिता की बिटिया पहले मिस इंडिया खिताब तक गई और फिर IAS बनकर नाम रौशन कर दिया

New Delhi : मॉडलिंग या फैशन डिजाइनिंग के प्रोफेशन में लगे लोगों को अक्सर पढ़ाई लिखाई में कमतर मान लिया जाता है। ऐसी धारणा रखने वाले लोगों को राजस्थान की चुरू जिले की ऐश्वर्या श्योराण ने सबसे कठिन समझी जाने वाली यूपीएससी परीक्षा में देश भर में 93वीं रैंक लाकर गलत साबित कर दिया है। एश्वर्या ने 2019 की परीक्षा में जिसका रिजल्ट इस साल कुछ दिनों पहले ही घोषित हुआ, इस मुकाम को हासिल कर सभी को चौंका दिया।

जिस दिन उन्होंने परीक्षा पास की सोशल मीडिया में उनकी चर्चा होने लगी। लोग उन्हें ब्यूटी विद इंटेलीजेंस कहने लगे। आइए जानते हैं मिस इंडिया की फाइनलिस्ट रहने और मॉडलिंग में नाम कमाने के बाद एश्वर्या क्यों बनी आईएएस ऑफिसर। 23 साल की एश्वर्या शुरू से एक ब्राईट स्टूडेंट रहीं। स्कूल में हर क्लास में वो टॉप आती थी। स्कूल के बाद उन्होंने दिल्ली के जाने माने कॉलेज श्रीराम कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स SRCC से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन की।

स्कूल टाइम से ही उन्हें जो अच्छा लगता वो करती। फिर वो चाहें थियेटर हो फैशन डिजाइनिंग हो या फिर किसी क्विज-टेस्ट में हिस्सा लेकर उसे टॉप करना हो। वो सभी में अव्वल रहीं। मॉडलिंग की तरफ अपने रुझान को देखते हुए वो मुंबई चली गईं और मिस इंडिया बनने के लिए मेहनत की। 2016 में मिस इंडिया फाइनलिस्ट के तौर पर उन्होेंने टॉप 21 में जगह बनाई। हालांकि वो खिताब को नहीं जीत सकी।
मॉडलिंग और मिस इंडिया के फाइनलिस्ट के तौर पर पहचाने जाने के बाद उन्होंनेे यूपीएससी परीक्षा देने का विचार बनाया। मॉडलिंग और फैशन डिजाइनिंग को अपने शौक के रूप में देखने वाली एश्वर्या का बचपन से ही सिवल सर्विसिस में जाने मन था। क्योंकि उनके पिता भारतीय सैना में कर्नल हैं इसलिए एश्वर्या इसे हॉबी के रूप में देखती थी। 2018 में उनका सिलेक्शन आईआईएम इंदौर में हो गया था लेकिन उन्होेंने इसे जॉइन नहीं किया और अपना पूरा फोकस यूपएससी परीक्षा की तैयारी करने में रखा।

उन्होंने बताया – नियम के साथ रोज 8 घंटे पढ़ाई करती थी। ऐश्वर्या के मुताबिक, उन्होंने बिना किसी कोचिंग के अपने IAS बनने के सपने को पूरा किया है और साथ ही सोशल मीडिया से भी दूरी बनाकर रखी। जिससे उनका ध्यान भटके नहीं। ऐश्वर्या ने कहा कि, अगर आप कुछ पाना चाहते हैं तो उसके लिए आपको मेहनत भी करनी पड़ेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

seventy three + = seventy five