सोने की खान कहलाए जाने वाले बप्पी दा, पहले इंडियन जिसे माइकल जैक्सन ने बुलाया था अपने कॉन्सर्ट में

New Delhi : वो सिंगर जिसे कभी राजकुमार ने पकड़ लिया था और उनके मजे लेना शुरू कर दिए थे। मजे मजे में उनको बोले वाह! शानदार एक से बढ़कर एक गहने, बस मंगलसूत्र की कमी रह गई उनके सोने पहनने की ये आदत उनकी पहचान बन गई है। एक वक्त था जब हर घर में एक कहावत फेमस हो गई थी कि अगर आप सोने को जानते हैं तो आप बप्पी दा को भी जानते हैं। बप्पी दा उन संगीतकारों में से हैं जिन्होंने भारत में गानों का नया दौर शुरू किया था। विदेशों से डिस्को के म्यूजिक को सोख भारत में बिखरा दिया।

अगर आपने भी कभी इन्हें बिना चश्मे के नहीं देखा है तो अब देख लीजिए।

लहरी का जन्म पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में 27 नवंबर 1952 को हुआ था। परिवार में पूरा संगीत का माहौल था। इनके पिता श्याम बंगाली क्लासिक संगीत के सूरमा थे। परिवार संगीत के क्षेत्र का जाना माना घराना था। इनके मामा किशोर कुमार थे। किशोर कुमार ने सिनेमा को नए किस्म का संगीत दिया है। बप्पी ने हमेशा किशोर दा को अपना गुरू बताया है।

साल 1973 में बप्पी लहरी ने अपने बॉलीवुड करियर की शुरूआत की। नन्हा शिकारी में उन्होंने सबसे पहले अपनी आवाज दी। हर तरह के गानों को गाने के बाद भी इन्हें पहचान पॉप गानों से मिली। पहली बार जख्मी फिल्म के गानों से इन्हें पहचाना जाने लगा। 2019 में आई व्हाई चीट इंडिया में भी उन्होंने अपना संगीत दिया। यार बिना चैन कहां रे, डिसेको डांसर, तम्मा तम्मा दोगे, ऊ ला ला ऊ लाला और तूने मारी एंट्री जैसे गानों को परदे पर हिट करवा दिया।

बप्पी लहरी इकलौते भारतीय संगीतकार हैं जिन्हें किंग ऑफ पॉप माइकल जैक्सन ने मुंबई में आयोजित अपने शो में बुलाया था। बप्पी लहरी का गाना तम्मा तम्मा दोगे अफ्रीकी पॉप स्टार मोरी कांटे के तम्मा से चुराया गया था। मोरी कांटे का वो एल्बम 1987 का सबसे हिट एल्बम था।