हड़ताल पर नहीं जाएंगी बैंक कर्मचारी यूनियन, वित्त सचिव से मुलाकात के बाद किया फैसला

New Delhi: 10 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय पर सरकार की हालिया घोषणा के बाद चार बैंक यूनियनों द्वारा प्रस्तावित दो दिवसीय बैंक हड़ताल को टाल दिया गया है। बैंक एसोसिएशन के सदस्यों ने सोमवार को वित्त सचिव से मुलाकात की और उनकी मांगों पर सकारात्मक समाधान का आश्वासन दिया गया। इसके बाद उन्होंने हड़ताल को टालने का फैसला किया।

इससे पहले चार बैंक कर्मचारी यूनियनों ने 25 सितंबर की मध्यरात्रि से दो दिन की हड़’ताल पर जाने का फैसला किया था। इसके बाद नवंबर के दूसरे सप्ताह से 10 राष्ट्रीयकृत बैंकों के विलय के वि’रोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल की बात भी की गई थी। यूनियन शीघ्र वेतन संशोधन, सप्ताह में पांच दिन काम और अन्य मांगों के लिए दबाव बना रही थी।

हड़ताल का आह्वान अखिल भारतीय बैंक अधिकारी संघ (AIBOC), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर एसोसिएशन (AIBOA), भारतीय राष्ट्रीय बैंक अधिकारी कांग्रेस (INBOC) और नेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स (NOBO), AIBOC (चंडीगढ़) के महासचिव ने किया था।

बैंक कर्मचारी यूनियनों ने शीघ्र वेतन पुनरीक्षण, पांच दिन के सप्ताह की तत्काल शुरूआत, बाहरी एजेंसियों द्वारा सतर्कता के मामलों की मौजूदा प्रक्रिया में अनुचित हस्तक्षेप को रोकने, सेवानिवृत्त होने से संबंधित मुद्दों का निपटान, पर्याप्त भर्ती, एनपीएस की स्क्रैपिंग, सेवा शुल्क में कमी की मांग की थी। इन्ही मांगों की पूरा करवाने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे थे।

सरकार ने 30 अगस्त को PSB के चार प्रमुख विलय की घोषणा की। समेकन अभ्यास के अनुसार, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का विलय पंजाब नेशनल बैंक के साथ किया जाना है, जो प्रस्तावित इकाई को सार्वजनिक क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा बैंक (PSB) बनाता है।

सिंडिकेट बैंक का केनरा बैंक में विलय किया जाना है। इलाहाबाद बैंक का विलय भारतीय बैंक में किया जाएगा। आंध्र बैंक को कॉर्पोरेशन बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ समामेलित किया जाएगा।