अब बैंक और अन्य परीक्षाएं स्थानीय भाषाओं में हो सकती हैं आयोजित

New Delhi: परीक्षार्थी अपनी स्थानीय भाषा में भी बैंक की परीक्षा दे सकेंगे। स्थानीय भाषा में परीक्षाएं आयोजित करने का मुद्दा आज संसद में खूब गूंजा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंक में भर्ती परीक्षा और अन्य परीक्षाएं स्थानीय भाषा कराने पर कहा कि सरकार इस पर विचार कर रही है। कर्नाटक सहित दक्षिण भारतीय राज्यों के सांसदों ने इस मुद्दे पर अपनी मांग उठाई है।

राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस के जी सी चंद्रशेखर ने यह मुद्दा उठाया है। चंद्रशेखर ने अपनी बात कन्नड़ भाषा में रखी। उन्होंने अनुरोध किया कि स्थानीय भाषा में भी परीक्षाएं आयोजित कराई जाए। चंद्रशेखर की कन्नड़ में बोली गई पंक्तियों का सभापति एम वेंकैया नायडू ने अनुवाद किया।

उन्होंने कहा कि कोई भी सदस्य अपनी बात स्थानीय भाषा में और मान्यता प्राप्त 22 भाषाओं में रख सकता है। उन्होंने कहा कि अपनी बात रखने से पहले सूचना देना आवश्यक है। जिससे कि समय रहते अनुवाद की व्यवस्था की जा सके। चंद्रशेखर ने कहा कि भारतीय बैंकिंग सेवा परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाएं अंग्रेजी और हिंदी में ली जानी चाहिए। इन भाषाओं के साथ-साथ स्थानीय भाषा में भी परीक्षा देने की छूट होनी चाहिए। स्थानीय परीक्षार्थियों की सुविधा को देखते हुए इन परीक्षाओं का आयोजन कन्नड़ भाषा में भी किया जाना चाहिए।

सदन में मौजूद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि लोकसभा के भी कुछ सांसद इस मुद्दे पर उनसे मिले थे। इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया जा चुका है। जिन राज्यों की अपनी भाषा है, यह मुद्दा उन सबसे जुड़ा हुआ है। सीतारमण ने कहा ‘यह गंभीर चिंता का विषय है। मैं इसे देख रही हूं और इस पर विचार करने के बाद मैं सदन को अवगत कराऊंगी।’