पश्चिम बंगाल हाईकोर्ट ने CAA और NRC के खिलाफ ममता के प्रचार अभियान पर लगाई रोक

New Delhi : पश्चिम बंगाल हाईकोर्ट ने सोमवार को नागरिकता कानून (सीएए) और नेशनल सिटिजन रजिस्टर (एनआरसी) लागू नहीं करने का दावा करने वाले ममता सरकार के प्रचार अभियान पर रोक लगा दी। चीफ जस्टिस टीबीएन राधाकृष्णानंद और जस्टिस राधाकृष्णन की बेंच ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए सरकार से इस मीडिया कैंपेन पर खर्च हुई रकम का ब्यौरा भी मांगा। मामले की अगली सुनाई 9 जनवरी को होगी।

सीएए और एनआरसी पर मीडिया कैंपेन के खिलाफ अदालत में एक याचिका दायर की गई थी। याचिका में अभियान पर सरकारी धन खर्च करने का आरोप लगाया गया था। इस पर कोर्ट ने सरकार को प्रचार अभियान पर हुए खर्च का ब्यौरा देने को कहा। कोर्ट ने सीएएए और एनआरसी के खिलाफ अलग-अलग मीडिया प्लेटफॉर्म पर चलाए जा रहे अभियान, इसके खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित याचिकाओं पर भी सुनवाई की।

सरकार की तरफ से एडवोकेट जनरल किशोर दत्ता ने अदालत को बताया कि सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से विज्ञापन हटा लिए गए हैं। दत्ता ने यह भी कहा कि अब राज्य में कानून-व्यवस्था नियंत्रण में है। प्रदर्शन के दौरान हुई हिं’सा के बाद कुछ स्थानों पर इंटरनेट सेवा बंद की गई थी ,जो अब बहाल हो गई है।