फ्रेंच ओपन में ऑस्ट्रेलिया की एश्ले बर्टी ने जीता वीमेन सिंगल का खिताब

New Delhi:साल के दूसरे ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन में ऑस्ट्रेलिया की एश्ले बर्टी ने वीमेन सिंगल का खिताब अपने नाम किया। एश्ले बर्टी ने फ्रेंच ओपन के फाइनल मुकाबले में चेक गड़राज्य की मार्केटा वोंडरूसोवा को शिकस्त दी।

दोनों ही खिलाड़ी पहली बार फ्रेंच ओपन का फाइनल मुकाबला खेल रही थीं,जिसे बर्टी ने अपने नाम किया। बर्टी यह खिताब जीतने वाली पांचवीं ऑस्ट्रेलियाई महिला खिलाड़ी हैं। आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया के लिए मार्गेट कोर्ट ने 1973 में फ्रेंच ओपन का खिताब जीतने में कामयाबी हासिल की थी।

70 मिनट तक चले फाइनल मुकाबले में बर्टी ने वोंडरूसोवा को कोई भी मौका ना देते हुए यह मैच 6–1, 6–3 के सीधे सेटों से जीत लिया और खिताब पर अपना कब्ज़ा जमाया। और अब इस जीत के साथ ही बर्टी ने टेनिस में दूसरी वरीयता प्राप्त कर ली है। पहले स्थान पर जापान की जापान की नाओमी ओसाका हैं।
एश्ले बर्टी ने आठ साल बाद ऑस्ट्रेलिया को कोई ग्रैंडस्लैम टाइटल दिलाया है। बर्टी ने जीत दर्ज करने के बाद कहा कि”यह सप्ताह मेरे लिए बेहतरीन रहा और मैं अपनी इस उपलब्धि पर काफी गर्व कर रही हूँ।

आपको बताते चलें की एश्ले बर्टी खुद को मानसिक तौर पर मजबूत करने के लिए टेनिस छोड़ कर क्रिकेटर बन गयी थीं। उस वक्त उन्हें टेनिस देखना,खेलना और यहाँ तक कि टेनिस के बारे में बात करना तक भी पसंद नहीं था। 2014 में U.S ओपन के पहले ही राउंड से बाहर होने के बाद इस खिलाड़ी ने टेनिस से ब्रेक लेने का फैसला किया था। लेकिन उस वक्त उन्होंने कोई भी वजह बताने से इंकार कर दिया था।

बार्टी ने बाद में कहा था’‘मुझे मानसिक तौर पर अधिक मजबूत होने के लिए कुछ समय चाहिए था। टेनिस खेलना मेरे लिए थोड़ा कठिन हो गया था। मैं इसका उतना आनंद नहीं ले रही थी, जितना मुझे पसंद था। मैं कम उम्र में ही ज्यादा टेनिस खेल चुकी थी। मैं टीनएज लड़की के तौर पर अपने जीवन का आनंद और कुछ सामान्य अनुभव लेना चाहती थी।’’