असम : विपक्षी विधायकों ने नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ विधानसभा से किया वॉकआउट

New Delhi: विपक्षी दलों के विधायकों ने शीतकालीन सत्र के पहले दिन आज असम विधानसभा से वॉकआउट किया है। प्रश्नकाल को रद्द करने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया है। नागरिकता संशोधन विधेयक और नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) पर चर्चा आयोजित करने के खिलाफ विपक्ष ने यह कदम उठाया है।

पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने वॉकआउट का समर्थन करते हुए कहा कि विरोध के पीछे का कारण नागरिकता संशोधन विधेयक है। नागरिकता की नई परिभाषा को पेश करते हुए संशोधन विधेयक तैयार किया गया है जिसे केंद्र सरकार संसद में पेश करने का प्रस्ताव दे रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह विधेयक असम के लोगों के विरूद्ध है। तरुण गोगोई ने दावा किया है कि नागरिकता संशोधन विधेयक निश्चित रूप से असम समझौता 1971 का उल्लंघन करेगा।

उन्होंने आगे कहा कि विधेयक का मकसद संविधान की भावना के खिलाफ है। यह समानता और धर्मनिरपेक्षता के अधिकार के खिलाफ है जो संविधान में निहित हैं।

साथ ही कहा कि हमने इस मुद्दे पर राज्य भर में बड़े पैमाने पर आंदोलन देखे हैं लेकिन मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल इस मामले पर चुप हैं। उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। साथ ही भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि सत्ता की खातिर राज्य की संस्कृति का बलिदान किया गया है।