जोधपुर हाईकोर्ट के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने भी दिया आसाराम को झ’टका, नहीं मिली जमानत

New Delhi:  दु’ष्कर्म आ’रोपी डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरुमीत रामरहीम की पैरोल की याचिका खारिज होने के बाद अब आसाराम की भी याचिका खारिज कर दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने दु’ष्कर्म आ’रोपी आसाराम की जमानत की याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है।

आपको बता दें कि आसाराम ने कुछ दिनों पहले सर्वोच्च न्यायलय में जमानत याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने दलील दी थी कि उनकी पत्नी गंभीर रूप से बीमार हैं। उन्होंने पत्नी की मेडिकल रिपोर्ट को भी न्यायलय को दी थी लेकिन पुलिस ने जो रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी है उसमें साफ लिखा है कि उनकी पत्नी को कोई गंभीर बीमारी नहीं है।

इसके पहले आसाराम बापू ने राजस्थान उच्च न्यायालय में अंतरिम याचिका दायर की थी। जिसकी सुनवाई न्यायाधीश संदीप मेहता की खंडपीठ ने की थी। न्यायाधीश संदीप ने उनकी याचिका खारिज कर जेल से बाहर निकलने के अरमानों पर पानी फेर दिया था। जस्टिस संदीप ने सुनवाई के दौरान कहा कि अदालत इस तरह के अ’पराधी  के साथ किसी भी प्रकार की सहानुभूति नहीं रखती है।

उन्होंने आसाराम के वकील से कहा कि वह इस याचिका को वापस ले लें। लेकिन वकील ने याचिका वापस नहीं ली। फिर न्यायलय की तरफ से ही अंतरिम याचिका खा’रिज कर दी गई। याद दिला दें कि आसाराम बापू जिन्हें हजारों लोंग भगवान की तरह मानते थे उन्हें गुरुकुल की एक नाबालिग छात्रा से दु’ष्कर्म के आ’रोप में पकड़ा गया था। जिसके बाद न्यायालय ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस समय वह जोधपुर जेल में स’जा का’ट रहे हैं।