असम एनआरसी के जरिये समाज का ध्रुवीकरण करना चाहती है भाजपा सरकार : सीताराम येचुरी

NEW DELHI : सीपीआई (एम) नेता सीताराम येचुरी ने असम एनआरसी से बाहर किए गए लोगों के लिए न्याय की मांग की है। उन्होंने कहा शिविरों में रह रहे लोगों के पास प्राथमिक मानवाधिकार नहीं हैं। इन शिविरों में अनिश्चित काल के लिए लोगों को रखना अवैध और असंवैधानिक है। वामपंथी दल निरोध शिविर प्रणाली को समाप्त करने की मांग करते हैं। वामपंथी दल इन शिविर प्रणाली को समाप्त करने की मांग करते हैं।

उन्होंने कहा असम में भाजपा एनआरसी के पुन: सत्यापन या नई एनआरसी सूची की मांग कर रही है। यह नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि यह केवल भाजपा के सांप्रदायिक और विभाजनकारी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए है। हम असम के लोगों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हैं, बहिष्कृत व्यक्तियों को निशाना बनाने की अनुमति नहीं देते हैं।

उन्होंने कहा बीजेपी सरकार पूरे भारत में NRC को बढ़ाने की बात कर रही है। जिसका उद्देश्य भारतीय समाज का ध्रुवीकरण करना है। वामपंथी दल किसी भी रूप में शेष भारत में NRC लागू करने का विरोध कर रही है।

इससे पहले गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनर्जी ने राजधानी कोलकाता में नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटीजन (NRC ) के खिलाफ एक विरोध मार्च निकाला। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी यह मार्च उत्तर कोलकाता के बीटी रोड पर चिडिय़ा मोड़ से श्यामबाजार फाइव प्वाइंट तक निकालेंगी। ममता बनर्जी के इस मार्च में पार्टी के वरिष्ठ नेता समेत हजारों कार्यकर्त्ता शामिल हुए हैं।