CBSE द्वारा बोर्ड परीक्षा की फीस भारी वृद्धि को औवेसी ने बताया क्रू’र और शो’षक

New Delhi : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा दसवीं और बारहवीं की परीक्षा फीस बढ़ाई जाने पर aimim सांसद असुद्दीन ओवैसी ने आपत्ति जताई है। असुद्दीन ओवैसी ने कहा CBSE द्वारा परीक्षा शुल्क में यह भारी वृद्धि क्रूर और शोषक है। मगर छात्रों के माता-पिता को ऐसी अनुचित राशि भरना पड़ेगा क्योकि इसके अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं है।

औवेसी ने कहा बढ़ी हुई फीस किसी भी छात्र को शिक्षा प्राप्त करने में बाधा न बने इसके लिये सीबीएसई और मानव संसाधन मंत्रालय को इस पर पुनर्विचार करना चाहिये।

आपको बता दें केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड की परीक्षाओं के लिए ली जाने वाली फीस में बढ़ोत्तरी की। SC और ST छात्रों से ली जाने वाली फीस को 50 रुपये से बढ़ाकर 1200 रुपये कर दिया है। जो कि एक बड़ी रकम की वृद्धि है। जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए यह राशि दोगुनी कर दी गई है, जिन्हें अब 1,500 रु फीस के तौर पर देने होंगे।

कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा के लिए उपस्थित होने वाले छात्रों को कक्षा 9 में इसके लिए पंजीकृत किया जाता है, और कक्षा 12 के लिए आने वाले छात्रों को कक्षा 11 में पंजीकृत किया जाता है। सीबीएसई के संशोधित मानदंडों के अनुसार, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों को पांच विषयों के लिए अब 1,200 रुपये का भुगतान करना होगा, जबकि पहले उन्हें उसी के लिए 50 रुपये का भुगतान करना होता था। सीबीएसई ने SC और ST छात्रों से ली जाने वाली फीस को 24 गुणा बढ़ा दिया है।

कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा में एक अतिरिक्त विषय के लिए उपस्थित होने के लिए, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों को जो पहले कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना चाहते थे, उन्हें अब 300 रुपये का भुगतान करना होगा। माइग्रेशन फीस जो पहले 150 रुपये थी, उसे भी बढ़ाकर 350 रुपये कर दिया गया है।