बुलंदशहर हिंसा पर केजरीवाल ने शेयर की वीडियो, क्या BJP वालों ने गुंडे भेज कर खुद दंगा करवाया?

NEW DELHI:  UP के बुलंदशहर शहर में गोवंश के कुछ टुकड़े मिलने पर 3 दिसंबर को जमकर बवाल हो गया। इस मामले में अब तक 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक मुख्य आरोपी यानी बजरंग दल का नेता पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इस घटना को लेकर आप आदमी पार्टी के संयोयक और दिल्ली के मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर निशाना साधा। दरअसल, अरविंद केजरीवाल ने ट्वीटर पर एक वीडियो शेयर की, जिसमें लोगों की बातों से ऐसा लग रहा था कि ये साजिश हैं।

इस वीडियो को शेयर करते हुए अरविंद केजरीवाल ने लिखा कि ‘तो क्या बीजेपी वालों ने खुद गाय कटा कर फेंकी, खुद अपने गुंडे भेज कर दंगा करवाया और फिर पुलिस वाले को मरवा दिया ? ,, इससे पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने राजस्थान के जयपुर में चुनाव प्रचार करने के दौरान मीडिया से घटना के बारे में बात करते हुए कहा कि यह काफी दुखद हादसा था, एसआईटी बनी है और जांच कर रही है। इस मामले को राजनीति से जोड़कर नहीं देखना चाहिए, जैसे ही एसआईटी अपनी रिपोर्ट दाखिल करेगी मामला साफ हो जाएगा।

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आपको बता दें कि मामले में गुस्साई भीड़ ने अखलाक केस के रहे इंस्पेक्टर सुबोध की जान ले ली। सुबोध के सिर में गोली लगने से उनकी मौक पर ही जान चली गई। हैरानी की बात तो ये है कि इंस्पेक्टर सुबोध को गोली लगने के बाद भी भीड़ उन्हें पीटती रही। भीड़ ने जीप से लटके सुबोध के शव का वीडियो भी बनाया। सुबोध की पत्नी ने कहा कि मेरे पति ने पूरी ईमानदारी के साथ काम की और पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली। यह पहली बार नहीं हुआ है। वे दो बार गोली से घायल हो चुके थे। लेकिन उन्हें कोई इंसाफ नहीं दे रहा है। इंसाफ तभी मिलेगा जब उनके आरोपियों को मार दिया जाएगा।

वहीं मामले पर इंस्पेक्टर सुबोध सिंह बहन ने बड़ा बयान दिया है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे भाई अखलाक केस की जांच कर रहे थे और यही वजह है कि उनको जान से मार दिया गया हैं। यह पुलिस की साजिश है। सुबोध की बहन ने कहा कि उन्हें शहीद का दर्जा दिए जाने की घोषणा होनी चाहिए। हमें पैसे नहीं चाहिए। मुख्यमंत्री सिर्फ गाय-गाय कह रहे हैं।

आपको बता दें कि सोमवार को मचे बवाल के बाद बीती रात जनपद और आसपास के इलाकों में छापेमारी की। इस मामले की जांच एसआईटी की टीम कर रही हैं। खबरों के मुताबिक, इस मामले में बजरंग दल का नेता योगेश राज मुख्य आरोपी है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया है और चार लोगों को हिरासत में लिया है। हिंसा के आरोप में बजरंग दल के नेता योगेश राज के साथ 80-90 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि इनमें से 27 लोग नामजद हैं और 50-60 लोग अज्ञात हैं।

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