दिल्ली में दूषित पानी की संयुक्त जांच के लिए अरविंद केजरीवाल ने इन अधिकारियों को सौंपा जिम्मा

New Delhi: जब से दिल्ली सहित देश की 20 शहरों की पानी की गुणवत्ता को लेकर भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की रिपोर्ट सामने आई है, उसके बाद से दिल्ली में बवाल मच गया है। सोमवार को दिल्ली के सीएम ने पानी के सैंपल लेने पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को चुनौती दी थी। केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच यह मुद्दा गरमाया हुआ है। इसी बीच केजरीवाल ने केंद्र के साथ दू’षित पानी की संयुक्त रूप से जांच कराने के लिए अधिकारियों के नाम की घोषणा कर दी है।

इन अधिकारियों में एक दिल्ली जलबोर्ड के वाइस चेयरमैन दिनेश मोहनिया और दूसरे बोर्ड के सदस्य शलभ कुमार हैं।

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान पहले ही केंद्र की तरफ से दो सदस्यों के नामों का ऐलान कर चुके हैं। पासवान ने भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के दो वरिष्ठ अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। इसमें बीआईएस के महानिदेशक प्रमोद तिवारी और बीआईएस के लैब उप- महानिदेशक जयंत राय चौधरी शामिल हैं।

क्या है मामला

शनिवार को रामविलास पासवान ने दिल्ली सहित देश की 20 शहरों की पानी की गुणवत्ता को लेकर रिपोर्ट जारी की थी। बीआईएस ने पीने के पानी को लेकर बड़ा खुलासा किया था। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि दिल्ली से लिए पानी के नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। सर्वेक्षण के पहले चरण में बीआईएस ने पाया था कि दिल्ली से लिए गए सभी 11 नमूने गुणवत्ता के मानकों पर फेल हैं। इस रिपोर्ट में साफ पानी के मामले में मुंबई पहले नंबर, हैदराबाद दूसरे नंबर और भुवनेश्वर तीसरे नंबर पर रहा।

इस पर केजरीवाल ने एतराज जताते हुए कहा था कि रामविलास पासवान तो बताते नहीं हैं कि उन्होंने सैंपल कहां से लिए, लेकिन हम बताएंगे कि सैंपल कहां से लिए और उसकी जांच कराकर डाटा पेश करेंगे। इस पर उपभोक्ता मामलोंं के मंत्री रामविलास पासवान ने जवाब देते हुए कहा कि

उन्होंने कहा, ‘किसी भी शहर के पानी की गुणवत्ता को 11 नमूनों के आधार पर तय नहीं किया जा सकता है। हालांकि रामविलास पासवान जी यह नहीं बता रहे हैं कि उन्होंने यह नमूने कहां से लिए। मैं दिल्ली के हर वार्ड से 5 नमूने लूंगा और इसकी जांच की जाएगी। उसके बाद रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाएगा।’

इस पर संसद में उपभोक्ता मामलोंं के मंत्री रामविलास पासवान ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में नल का पानी पीने लायक नहीं है। पासवान ने कहा, इस मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। मैं 2-3 वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति करूंगा और दिल्ली सरकार को भी 2-3 अधिकारियों की नियुक्ति करनी चाहिए जो पानी के नमूनों की जाँच करेंगे। इसके बाद हम सार्वजनिक रूप से रिपोर्ट डालेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की रिपोर्ट पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।

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