शीला दीक्षित के निधन पर अरविंद केजरीवाल के जताया शोक, कहा आपके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा

New Delhi: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता शीला दीक्षित के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने अपने ट्विट में लिखा कि श्रीमती शीला दीक्षित जी के निधन की बेहद बुरी खबर के बारे में पता चला। यह दिल्ली के लिए बहुत बड़ी क्षति है और उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उनके परिवार के सदस्यों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। उसकी आत्मा को शांति मिले।

गैरतलब है कि शनिवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन होया है। वह 81 साल की थीं। वह लंबे समय से बीमार चल रही थीं। उनका एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने शीला दीक्षित के नि’धन पर शोक व्यक्त किया है। गडकरी ने लिखा- दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और काँग्रेस की वरिष्ठ नेता श्रीमती शिला दीक्षित जी के दे’हांत की खबर सुनकर व्यथित हूं। दिल्ली के विकास में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनके परिजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। भगवान शीला जी की दि’वंगत आ’त्मा को शांति दे। ॐ शांतिः।

शीला दीक्षित साल 1998 से 2013 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं। उनके नेतृत्व में लगातार तीन बार कांग्रेस ने दिल्ली में सरकार बनाई। वह सबसे लंबे समय (15 साल) तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं।
कांग्रेस की कद्दावर नेता रहीं शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च 1938 को पंजाब के कपूरथला में हुआ। उन्होंने दिल्ली के कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल से पढ़ाई की और फिल दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस कॉलेज से मास्टर्स ऑफ आर्ट्स की डिग्री हासिल की। शीला दीक्षित साल 1984 से 1989 तक उत्तर प्रदेश के कन्नौज से सांसद रहीं। बतौर सांसद वह लोकसभा की एस्टिमेट्स कमिटी का हिस्सा भी रहीं। शीला दीक्षित को दिल्ली का चेहरा बदलने का श्रेय दिया जाता है। उनके कार्यकाल में दिल्ली में विभिन्न विकास कार्य हुए।