अरुण जेटली ने राहुल गांधी की डिग्री पर उठाए सवाल, कहा- देशभर में काम कर रहा है मोदी फैक्टर

New Delhi: बीजेपी के वरिष्ठ नेता और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर महागठबंधन, राहुल गांधी समेत कई मुद्दों पर अपना पक्ष रखा है।

अरुण जेटली ने ट्वीट कर कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान खत्म हो गया है। देशभर में मोदी फैक्टर पर पहले से भी बड़े स्तर पर काम कर रहा है। विपक्षी दलों के पास कोई मुद्दा नहीं है। वो आपस में एक दूसरे के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में लड़ रहे हैं। जिसका फायदा बीजेपी को है।

जेटली ने अपने ट्वीट में आगे लिखा कि विपक्षी दलों के नेतृत्व को लेकर जो मैंने स्थिति सोची थी वह पहले से भी कहीं अधिक निराशाजनक है। टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और बसपा प्रमुख मायावती ने विपक्षी दलों में सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस के अध्यक्ष पर निशाना साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। ऐसे में कोई शक नहीं है कि बीजेपी को चुनावों में इसका फायदा मिलने वाला है।

वित्तमंत्री ने अपने एक और ट्वीट में लिखा एक लोकप्रिय सरकार और जनप्रिय प्रधानमंत्री को सत्ता से बाहर करने के लिए आपके पास वास्तविक मुद्दे होने चाहिए न कि काल्पनिक मुद्दे। विपक्ष पिछले दो सालों में असली मुद्दों के बजाय ईवीएम और राफेल जैसे मुद्दों पर अपना समय बर्बाद कर दिया है। भाजपा और उसके सहयोगी दल सीधे जनता के बीच जाकर अपनी बात रख रहे हैं। लेकिन विपक्षी दलों का दुर्भाग्य यह है कि उनके पास एक भी बड़ा मुद्दा नहीं है जिस पर वो जनता से वोट मांग सकें।

अरुण जेटली ने अपने ट्वीट में कहा कि हस्ताक्षर अभियान का दुष्प्रचार कांग्रेस पार्टी के लिए बहत ही घा’तक साबित हुई है। क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने इस हस्ताक्षर अभियान में जिन शिक्षाविदों, अर्थशास्त्रियों, कलाकारों, पूर्व सिविल अधिकारियों और यहां तक कि कूछ पूर्व सैनिकों के जो हस्ताक्षर लिए थे। उन्हीं में से कई लोगों ने सार्वजनिक रूप से सामने आकर ऐसे किसी भी हस्ताक्षर अभियान में शामिल होने से इनकार किया है। जिससे कांग्रेस की खूब किरकरी हुई है।

जेटली ने अपने एक और ट्वीट में कहा कि कल पूरे दिन कांग्रेस ने बीजेपी के एक उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता की चर्चा की, लेकिन वह राहुल गांधी का शैक्षणिक योग्यता की चर्चा करना भूल जाते हैं। लोगों की जानकारी के लिए बता दूं एक व्यक्ति बिना मास्टर्स की डिग्री के एम फिल कैसे कर सकता है। कांग्रेस को इस पर जवाब देना चाहिए।